कौन है ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा भारत को फाइनल में पहुंचाने वाली जेमिमा रॉड्रिग्स..?

Women world cup: 30 अक्टूबर 2025 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में एक ऐसा इतिहास रचा गया, जिसने भारतीय महिला क्रिकेट के पन्नों में एक नया अध्याय जोड़ दिया. आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के सेमीफाइनल में भारत ने विगत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर फाइनल में धमाकेदार एंट्री ली है. इस ऐतिहासिक जीत की शिल्पकार रहीं जेमिमा रॉड्रिग्स, जिन्होंने शानदार, नाबाद 127 रनों की पारी खेली.

ऑस्ट्रेलिया द्वारा 339 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए, भारत ने 9 गेंदें शेष रहते यह लक्ष्य हासिल कर लिया, जो महिला वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज है. जेमिमा ने 134 गेंदों पर 14 चौकों की मदद से नाबाद 127 रन बनाए और भारत को 2005 और 2017 के बाद अपने तीसरे विश्व कप फाइनल में पहुंचाया. 82 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली द्वारा उनका कैच छोड़ना ऑस्ट्रेलिया को भारी पड़ा. 25 वर्षीय जेमिमा ने अपनी इस पारी में अपना पहला विश्व कप शतक पूरा किया.

जेमिमा का जन्म 5 सितंबर 2000 को मुंबई में एक मंगलोरियन कैथोलिक परिवार में हुआ. जेमिमा के पिता इवान रोड्रिग्स एक जूनियर क्रिकेट कोच थे. बेटी के बेहतर खेल सुविधाओं के लिए परिवार बहुत कम उम्र में बांद्रा वेस्ट में चला गया. इवान रोड्रिग्स ने स्कूल में लड़कियों की क्रिकेट टीम की स्थापना की. जेमिमा ने चार साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था, उन्होंने सेंट जोसेफ कॉन्वेंट हाई स्कूल, मुंबई और बाद में रिजवी कॉलेज ओर आर्ट्स से साइंस एंड कॉमर्स की पढ़ाई की. क्रिकेट के अलावा, जेमिमा को गिटार बजाना और गाना बहुत पसंद है.

जेमिमा ने 2012–13 सीजन में महज 13 साल की उम्र में मुंबई अंडर 19 टीम के लिए खेलना शुरू किया. 2017 में स्मृति मंधना के बाद अंडर 19 एकदिवसीय ट्रॉफी में दोहरा शतक बनाने वाली दूसरी भारतीय महिला बनी. 2018 में बीसीसीआई द्वारा सर्वश्रेष्ठ घरेलू जूनियर महिला क्रिकेट के लिए जगमोहन डालमिया पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2020 में ऑस्ट्रेलिया में आईसीसी महिला t20 विश्व कप के लिए भारत की टीम में नामित किया गया. 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए टीम में जगह मिली.सितंबर 2024 में उन्हें WBBL ड्राफ्ट में ब्रिस्बेन हीट द्वारा प्लैटिनम खरीद के रूप में अधिग्रहित किया गया।

जेमिमा के लिए यह विश्व कप सफर आसान नहीं रहा. टूर्नामेंट की शुरुआत में खराब फॉर्म के कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ मैच से टीम से बाहर कर दिया गया था. टीम से बाहर होने के बाद, उन्होंने खुद पर संदेह करना शुरू कर दिया था. जेमिमा ने भावुक होते हुए बताया, मैं इस पूरे दौरे में लगभग हर दिन रोई हूं. मैं जानती थी कि मुझे दिखाना था, और भगवान ने सब कुछ संभाल लिया. यह शतक सिर्फ एक स्कोर नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास की जीत थी.

जेमिमा ने शतक पूरा करने के बाद कोई बड़ा जश्न नहीं मनाया, सिर्फ मुस्कान और खुशी के आंसू के साथ, उन्होंने कहा यह पारी, उनके बारे में नहीं बल्कि भारत के लिए यह मैच जीतने और इसे पूरा करने के बारे में थी.

इस यादगार जीत ने ऑस्ट्रेलिया की 16 मैचों की अपराजित ODI विश्व कप दौड़ को समाप्त कर दिया. अब भारत रविवार को नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व कप फाइनल खेलेगा. यह पहला ऐसा ODI विश्व कप फाइनल होगा जिसमें ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड में से कोई भी नहीं होगा, और यह भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका के लिए भी पहली विश्व कप ट्रॉफी जीतने का एक ऐतिहासिक अवसर है.

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