Shekh Hasina news: बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर में है। 16 महीनों पहले हुए तख्तापलट के बाद अपेक्षाकृत शांत हालात हाल के दिनों में अचानक बिगड़ने लगे हैं। राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में कॉकटेल ब्लास्ट, आगजनी और हिंसा की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) में चल रहे मामलों को लेकर पूरे देश की निगाहें आज के फैसले पर टिकी हैं।
शेख हसीना पर क्या आरोप है ?
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) में शेख हसीना के खिलाफ कई गंभीर आरोप दर्ज हैं, जिनमें मानवाधिकार उल्लंघन और राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप प्रमुख हैं।
1. विपक्षी नेताओं के जबरन गायब कराने का आरोप
ICT में दर्ज पहले मामले में आरोप है कि अपने कार्यकाल के दौरान शेख हसीना ने विपक्षी नेताओं को जबरन गायब कराने के आदेश दिए थे।
2. हिंसा के दौरान हत्याओं का आदेश देने का आरोप
12 मई 2025 को आई जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि शेख हसीना ने राजनीतिक तनाव के दौरान हिंसा को दबाने के लिए सीधे तौर पर हत्याओं के आदेश दिए थे।रिपोर्ट के मुताबिक इस हिंसा में महिलाओं और बच्चों समेत 1,400 लोगों की हत्या की गई थी और करीब 25,000 लोग घायल हुए थे। विशेषज्ञों के अनुसार इस हिंसा की भयावहता ने 1971 के बाद का सबसे बड़ा नागरिक संकट पैदा कर दिया था।
3. छात्र अबू सईद की हत्या का मामला
शेख हसीना और अभियुक्त असदुज्जमां खान कमाल तथा चौधरी अब्दुल्ला अल पर आरोप है कि बेगम रोकैया विश्वविद्यालय के छात्र अबू सईद की बिना किसी उकसावे के हत्या करवाई गई।
4. चंखर पुल में 6 लोगों की हत्या का आरोप
ढाका के चंखर पुल क्षेत्र में 6 लोगों की हत्या के आरोप भी पूर्व प्रधानमंत्री पर लगाए गए हैं।
5. अशुलिया में सामूहिक हत्या का आरोप
मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम के अनुसार शेख हसीना के खिलाफ कुल पांच प्रमुख आरोप हैं, जिनमें 13 लोगों की हत्या शामिल है। आरोप है कि ढाका छोड़ने से पहले अशुलिया में 5 लोगों को गोली मारकर मारा गया, फिर उनके शवों को जला दिया गया। इसके अलावा एक व्यक्ति को जिंदा आग के हवाले कर दिया गया था। इन सभी मामलों को गंभीर मानवता-विरोधी अपराध मानते हुए ICT आज अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाएगा।
कई इलाकों में कॉकटेल धमाके और आगजनी
रविवार की रात ढाका में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। शहर के कई हिस्सों में कॉकटेल विस्फोट, आगजनी और हमले की घटनाएं सामने आईं। रात 9 बजे सेंट्रल रोड पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री की सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन के घर के सामने दो कॉकटेल धमाके। इसके बाद रात 9:30 बजे बांग्ला मोटर क्षेत्र में एक और कॉकटेल विस्फोट हुआ। इसके बाद तितुमिर कॉलेज और अमताली चौराहा पर भी दो कॉकटेल ब्लास्ट हुए। एक चलती बस में भी आग लगा दी गई। इन घटनाओं के बाद शहर के कई हिस्सों में दहशत फैल गई। आम लोगों में भय का माहौल है।
आवामी लीग समर्थक सड़कों पर
ICT के संभावित फैसले से पहले आवामी लीग समर्थक भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं। पूरे देश में बंद (शटडाउन) का आह्वान किया गया है, जिसके चलते सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) आयुक्त शेख मोहम्मद सज्जाद अली ने हालात काबू से बाहर न हों, इसलिए हिंसा में शामिल लोगों को देखते ही गोली मारने के आदेश तक जारी कर दिए हैं।
शेख हसीना का पासपोर्ट रद्द फांसी की मांग
इन गंभीर आरोपों के बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शेख हसीना का पासपोर्ट रद्द कर दिया था। देश के कई समूह और राजनीतिक धड़े शेख हसीना के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं। ICT में चल रही कार्रवाई का लाइव प्रसारण किया गया था, जिसने इस मामले को और भी अधिक संवेदनशील तथा राजनीतिक रूप से विस्फोटक बना दिया है।
आज का फैसला तय करेगा बांग्लादेश की दिशा
23 अक्तूबर को ICT में बहस खत्म हो गई थी, और आज यानी 17 नवंबर को फैसला सुनाया जाएगा। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला बांग्लादेश के भविष्य की राजनीति, स्थिरता और सामाजिक माहौल पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। ढाका की सड़कों पर तनाव है, सुरक्षा कड़ी है, और पूरे देश की निगाहें ICT के फैसले पर टिकी हैं।