Bihar Cabinet : बिहार में 20 नवंबर को नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले एनडीए गठबंधन के भीतर सीटों और पदों के बंटवारे को लेकर तकरार बढ़ गई है. एनडीए के पास कुल 243 में से 202 सीटें हैं, जिसमें बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (आर), हम और रालोमो शामिल हैं. इसी समीकरण के आधार पर नई कैबिनेट और शीर्ष पदों पर लगातार चर्चा जारी है.
NDA में किसके पास कितनी सीटें
- बीजेपी – 89
- जेडीयू – 85
- लोजपा (आर) – 19
- हम – 5
- रालोमो – 4
इन आंकड़ों के आधार पर कुल 34 मंत्रियों की कैबिनेट का प्रारूप तैयार किया गया है.
स्पीकर पद पर सबसे बड़ी खींचतान
विधानसभा अध्यक्ष का पद फिलहाल बीजेपी के पास है. लेकिन जेडीयू इसे अपने हिस्से में चाहती है. जेडीयू का तर्क है कि विधान परिषद के सभापति का पद पहले से ही बीजेपी के पास है, इसलिए विधानसभा अध्यक्ष का पद उसे दिया जाना चाहिए. वहीं बीजेपी का कहना है कि चूंकि मुख्यमंत्री पद जेडीयू के पास है, इसलिए स्पीकर पद उसका ‘स्वाभाविक अधिकार’ बनता है.
- बराबरी का फॉर्मूला: 6 विधायक = 1 मंत्री
दोनों दलों में ‘बराबरी’ बनाए रखने के लिए 6 विधायकों पर 1 मंत्री का फॉर्मूला तय किया गया है. जेडीयू और बीजेपी दोनों से 15-15 मंत्री बनाए जाने की सहमति बनी है. इसमें मुख्यमंत्री का पद शामिल नहीं होगा. जिसे भी विधानसभा अध्यक्ष का पद मिलेगा, उसी पार्टी का एक मंत्री कम होगा. लोजपा (आर) को उपमुख्यमंत्री पद मिलने पर उसके 2 मंत्री होंगे, और यदि यह पद नहीं मिला तो 3 मंत्री बनाए जाएंगे. हम और रालोमो से 1-1 मंत्री शामिल होने की संभावना है.
पुराने मंत्रियों की वापसी तय, विवादित चेहरे पर संकट
सूत्रों के अनुसार, पिछली सरकार के अधिकतर मंत्रियों को फिर से मौका दिया जाएगा. लेकिन उन मंत्रियों की दावेदारी कमजोर मानी जा रही है जिन पर पिछले दिनों भ्रष्टाचार या अन्य आरोप लगे थे. नई सरकार अपराध और भ्रष्टाचार पर सख्त छवि बनाए रखना चाहती है ताकि विपक्ष को हमला करने का अवसर न मिले.