दरभंगा बनेगा बिहार का पहला पूर्ण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, राज्य सरकार ने केंद्र से की औपचारिक मांग

Darbhanga Airport : बिहार में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर बड़ी पहल की गई है. राज्य सरकार ने दरभंगा एयरपोर्ट को बिहार का पहला पूर्णत: अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को औपचारिक अनुरोध भेजा है. बिहार के मुख्य सचिव की ओर से नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर यह मांग की गई है. वर्तमान में बिहार में 24 एयरपोर्ट मौजूद हैं. इसके साथ ही राज्य में दो ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट,भागलपुर के सुल्तानगंज और नालंदा के राजगीर के निर्माण को भी मंजूरी मिल चुकी है. पटना के बिहटा में नया एयरपोर्ट बनाने का काम जारी है, जिससे राजधानी की हवाई आवाजाही को नया आयाम मिलने की उम्मीद है.

पटना एयरपोर्ट से बंद है अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

पटना एयरपोर्ट को आधिकारिक तौर पर कस्टम एयरपोर्ट का दर्जा प्राप्त है, लेकिन यहां अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित नहीं हो रहीं. 24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को काठमांडू से दिल्ली आते समय अपहृत कर कंधार ले जाने की घटना के बाद पटना से नेपाल के लिए अंतरराष्ट्रीय सेवाएं बंद कर दी गई थीं. उसके बाद से पटना एयरपोर्ट नाममात्र का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट रह गया. पहले भी यहां सिर्फ नेपाल के लिए ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चलाई जाती थीं. गया एयरपोर्ट से जापान, थाईलैंड, म्यांमार और श्रीलंका जैसे कई एशियाई देशों के लिए उड़ानें संचालित होती हैं, लेकिन इसे अब तक औपचारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा नहीं मिला है.

भारत में एयरपोर्ट के प्रकार

भारत में कुल चार प्रकार के एयरपोर्ट होते हैं

  • अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
  • घरेलू हवाई अड्डा
  • कस्टम एयरपोर्ट
  • डिफेंस एयरपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बड़े होते हैं और यहां घरेलू व अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानें संचालित की जाती हैं. वर्तमान में देश में लगभग 29 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं. वहीं कस्टम एयरपोर्ट पर सीमाशुल्क विभाग की तैनाती होती है और विदेशों से आने वाले सामान की जांच व निगरानी की जाती है. भारत में पटना सहित ऐसे 10 कस्टम एयरपोर्ट हैं.

दरभंगा एयरपोर्ट में रनवे का विस्तार

दरभंगा को पूर्ण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम इसके रनवे विस्तार का है. वर्तमान में एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2743 मीटर है, जिसे बढ़ाकर 3657 मीटर करने की योजना है. इसके लिए 244.60 करोड़ रुपये की लागत से 89.75 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. इसके साथ ही दरभंगा एयरपोर्ट के पास एक लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने की तैयारी भी की जा रही है. इसके लिए जिला प्रशासन को आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. दरभंगा को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा मिलने पर न सिर्फ मिथिला और उत्तर बिहार बल्कि पूरे पूर्वी भारत की हवाई कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा. इससे व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर भी बनेंगे.

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