आप भी रोज रोज मॉमोज खाने वालों में से है तो ये रिपोर्ट आपके लिए…नहीं पढ़ा तो होगा तगड़ा नुकसान

Momos recipe :  पिछली बार आपने मॉमोज कब खाया था ? कुछ दिन पहले…एक सप्ताह पहले…दो-तीन दिन पहले….एक दिन पहले…या आप उन लोगों में से है जो रोज रोज मॉमोज खाते हैं. दरअसल मॉमोज भारत के युवाओं और स्ट्रीट-फूड प्रेमियों की पहली पसंद बन चुके हैं. सस्ता, स्वादिष्ट और आसानी से मिलने वाला यह स्नैक अब हर मार्केट, गली और मॉल में दिख जाता है. लेकिन डॉक्टर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि रोजाना मॉमोज खाना सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुसार यह आपकी सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकता है.

क्या मॉमोज खाना खतरनाक है

बार-बार मॉमोज़ खाने से आंतों में संक्रमण, पाइल्स, गैस और क्रॉनिक पाचन समस्याएँ बढ़ सकती हैं. लगातार एसिडिटी और हाई-सोडियम इनटेक के कारण पेट और लिवर पर भी दबाव बढ़ सकता है.

  • फूड पॉइज़निंग का बढ़ता खतरा

कई शहरों में मॉमोज़ खाने के बाद फूड पॉइज़निंग के केस बढ़े हैं. स्ट्रीट वेंडरों के पास साफ-सफाई के पुख़्ता इंतज़ाम नहीं होते. चिकन या वेज स्टफिंग को सही तापमान पर न रखने से Salmonella जैसे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं. मॉनसून के दौरान नमी और तापमान बैक्टीरिया, वायरस और फंगस को और बढ़ावा देते हैं, जिससे बीमार होने की संभावना और बढ़ जाती है.

  • दिल और ब्लड प्रेशर पर असर

हेल्थ रिपोर्ट्स के मुताबिक मॉमोज़ की चटनी और स्टफिंग में नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है. इससे हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ सकता है. फ्राइड या ऑयली मॉमोज़ लगातार खाने से LDL (खराब) कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की आशंका रहती है, जो दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाती है.

  • मोटापा और मेटाबॉलिक समस्याएँ

मॉमोज़ का व्रैपर मैदा से बनता है, जो तेजी से ग्लूकोज़ में बदल कर ब्लड शुगर बढ़ा देता है. इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी पर प्रभाव पड़ सकता है. स्टॉल्स में कई बार MSG (मोनो-सोडियम ग्लूटामेट) मिलाया जाता है. इससे स्वाद तो बढ़ता है, लेकिन वजन, ब्लड प्रेशर और किडनी पर असर जैसे खतरे भी हो सकते हैं. कुछ स्वास्थ्य रिपोर्ट्स में लगातार मॉमोज़ खाने को मोटापा, किडनी स्ट्रेस, और अन्य मेटाबॉलिक विकारों से जोड़कर देखा गया है.

  • पाचन तंत्र पर खराब प्रभाव

डॉक्टर बताते हैं रोजाना मॉमोज़ खाने से दस्त, पेट फूलना, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं. मैदा में फाइबर की कमी होने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है. अस साफ-सफाई से कटी सब्ज़ियों में कीड़े या अन्य संक्रमण के तत्व पाए जाने की संभावना भी रहती है.

  • घुटन (चोकिंग) का खतरा

AIIMS के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि मॉमोज़ को ठीक से न चबाने पर यह गले में फंस सकता है. ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट सामने आई है, जिनमें गंभीर घुटन और मौत तक के मामले दर्ज हुए. मॉमोज का आकार, मुलायम बनावट और स्मूद टेक्सचर इसे बिना चबाए निगल लेने की गलती करवा सकता है.

क्या करें? डॉक्टरों की क्या है सलाह

एक्सपर्ट्स कहते है कि मॉमोज रोज़ाना न खाएं या सिर्फ कभी-कभार ही खाएं. यदि स्ट्रीट-वेंडर से खरीद रहे हैं, तो देखें कि काउंटर, बर्तन और स्टोरेज साफ हों. कम नमक वाली चटनी चुनने की कोशिश करें. अच्छी तरह चबाकर खाएं, ताकि चोकिंग का खतरा न हो. हो सके तो घर पर ही साबुत अनाज, ताज़ी सब्ज़ियों और कम सोडियम वाली रेसिपी से हेल्दी मॉमोज बनाएं. मॉमोज़ एक स्वादिष्ट और लोकप्रिय स्नैक है, लेकिन इसका रोज़ाना सेवन शरीर पर कई तरह के जोखिम बढ़ा सकता है, फूड पॉइज़निंग से लेकर ब्लड प्रेशर, मोटापा, पाचन समस्याएँ और यहां तक कि घुटन जैसे खतरों तक. डॉक्टरों की सलाह साफ है: मॉमोज़ खाएं, लेकिन सावधानी और सीमित मात्रा में.

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