भारत का नया डिफेंस हब बनने जा रहा है बिहार… जानिए क्या है सरकार का प्लान

Bihar Defence Corridor: बिहार जो अब तक शिक्षा और कृषि के लिए जाना जाता था अब जल्द ही भारत के रक्षा और प्रौद्योगिकी दृश्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र बने जा रहा है. केंद्र सरकार द्वारा बिहार को एक बड़ी डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है इस प्रोजेक्ट के तहत राज्य में कई आधुनिक हथियार, बारूद, ड्रोन और टेक्नोलॉजी आधारित उपकरणों के निर्माण की व्यवस्था की जा रही है. इसका उद्देश्य सिर्फ हथियार निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसे पूर्वी भारत का सबसे बड़ा टेक + डिफेंस हब तैयार करना है.

क्या है बिहार डिफेंस कॉरिडोर?

बिहार में एक नई डिफेंस इंडस्ट्री चैन बनाई जा रही है जहां देश की सेवा के लिए कई जरूरी आधुनिक हथियार बारूद और टेक्नोलॉजी आधारित उपकरण बनाए जाएंगे. बिहार में बन रहे इस डिफेंस कॉरिडोर में तोपों के गोले, राइफल, ड्रोन चिप्स, बुलेट प्रूफ जैकेट, हेलमेट, ग्रेनेड और रॉकेट लांचर पार्ट्स जैसे महत्वपूर्ण रक्षा सम्मान तैयार किए जाएंगे.

क्यों बन रहा है बिहार डिफेंस कॉरिडोर?

बिहार में इस कॉरिडोर का निर्माण का मुख्य मकसद देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है. बिहार जैसी रणनीतिक रूप में महत्वपूर्ण राज्य में डिफेंस कॉरिडोर बनने से न केवल भारत की सैनिक क्षमता मजबूत होगी बल्कि पूर्वी भारत को भी पहली बार बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब का दर्जा मिलेगा, इससे प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगे लाखों रोजगार के अवसर बनेंगे जिसे युवाओं को अपने ही राज्य में बड़े पैमाने पर नौकरी और तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा.

कौन कौन से हथियार बनेंगे?

इस कॉरिडोर में कई तरह के हथियार और रक्षा उपकरण बनेंगे जिनमें 155mm और 105mm/130mm आर्टिलरी शैलेस, AK–203 राइफलें, INSAS कार्बाइन, बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट, ग्रेनेड और रॉकेट लांचर के नाम शामिल है, साथ में ही बारूद निर्माण के तहत TNT और RDX जैसे हाई फोर्स वाले विस्फोटकों की फैक्ट्री की भी स्थापना की जा रही है मिसाइल और रॉकेट के लिए आवश्यक प्रोपेलेंट भी तैयार किया जाएगा जिससे भारत की मिसाइल प्रणाली को और भी मजबूती मिलेगी.

डिफेंस प्रोडक्शन के साथ-साथ बिहार में ड्रोन और टेक मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा यह सर्विलांस ड्रोन, कैमरा और बैटरी यूनिट, रडार पार्ट्स, नाइट विजन डिवाइस और बुलेट प्रूफ गाड़ियों का भी उत्पादन होगा. प्रोजेक्ट की टेक साइड में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, मेगा टेक सिटी, फिनटेक सिटी, 11 स्मार्ट टाउनशिप और हर जिले में एक MSME पार्क स्थापित करने की योजना है. जिससे बिहार तकनीकी उद्योग का बड़ा केंद्र बन सकेगा.

कहाँ कहाँ बन रही है ये परियोजना?

बिहार के विभिन्न जिलों में अलग-अलग तरह की फैक्ट्रियां विकसित की जा रही है राजगीर में बड़े तोपों के गोले बनाए जाएंगे. गया में RDX और TNT प्लांट्स स्थापित किए जाएंगे. औरंगाबाद में हथियार निर्माण की बड़ी फैक्ट्रियां लगेगी, वही रोहतास को हथियार हब के रूप में तैयार किया जाएगा, बक्सर में नया ऑर्डिनेंस प्लांट बनाया जा रहा है, आरा में छोटे हथियारों का उत्पादन होगा और वैशाली, मुजफ्फरपुर व सीतामढ़ी को ड्रोन निर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *