बढ़ती सर्दियों के बीच भारत आने लगे विदेशी मेहमान…. प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार हो रहे झील-तालाब

Winter migratory birds in India : जैसे ही उत्तर भारत में ठंड बढ़ने लगती है, वैसे ही भारत के झील, नदियों, आर्द्रभूमि और तटीय इलाकों में दूर-दराज देशों से आए प्रवासी पक्षियों (Migratory Birds) की चहचहाहट गूंजने लगती है। हर साल सर्दियों में साइबेरिया, रूस, यूरोप और मध्य एशिया जैसे ठंडे इलाकों से लाखों पक्षी हजारों किलोमीटर का सफर तय कर भारत पहुंचते हैं. इस सर्दी भारत में छह खास प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में देखने को मिल सकते हैं, जो न सिर्फ प्रकृति प्रेमियों के लिए खास हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन के लिए भी बेहद जरूरी माने जाते हैं।

हिमालय को भी नहीं मानता बाधा बार-हेडेड गूज

Bar-headed Goose दुनिया के सबसे ऊंचे इलाके से उड़ान भरने वाले पक्षियों में गिना जाता है। यह पक्षी मंगोलिया और तिब्बत से उड़कर सीधे हिमालय पर्वत पार करते हुए भारत पहुंचता है। भारत में इसे राजस्थान के केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान, ओडिशा की चिलिका झील और हिमाचल की पोंग डैम झील में देखा जा सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह पक्षी 27,000 फीट की ऊंचाई तक भी उड़ सकता है।

लंबा समुद्री सफर करने वाला शिकारी पक्षी है अमूर फाल्कन

Amur Falcon दुनिया के सबसे लंबी दूरी तय करने वाले शिकारी पक्षियों में से एक है। यह रूस और चीन से उड़कर दक्षिण अफ्रीका तक जाता है और इस दौरान भारत इसका प्रमुख पड़ाव बनता है। नागालैंड के डोयांग क्षेत्र में हर साल हजारों की संख्या में अमूर फाल्कन आते हैं। कभी यहां इनका बड़े पैमाने पर शिकार हुआ था, लेकिन अब संरक्षण से इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है।

ग्रेटर फ्लेमिंगो की मौजूदगी से गुलाबी रंग से सज जाती हैं झीलें

Greater Flamingo भारत में सर्दियों का सबसे सुंदर नजारा पेश करता है। इनके झुंड मुंबई के ठाणे क्रीक, गुजरात के नमक के खेतों और तमिलनाडु के तटों पर दिखाई देते हैं। जब हजारों फ्लेमिंगो एक साथ उड़ते हैं, तो पूरा आसमान गुलाबी रंग से भर जाता है। यह नजारा हर साल पर्यटकों को बड़ी संख्या में आकर्षित करता है।

विदेशी नस्ल की सुंदर बतख है नॉर्दर्न पिंटेल

Northern Pintail सर्दियों में साइबेरिया और यूरोप से उड़कर भारत की झीलों में आती है। यह उत्तर प्रदेश, पंजाब, असम और राजस्थान के तालाबों में बड़ी संख्या में देखी जाती है। इसकी लंबी गर्दन और नुकीली पूंछ इसे बाकी बतखों से अलग बनाती है।

गुलाबी-काले रंग का चलता-फिरता बादल है रोजी स्टारलिंग

Rosy Starling जब झुंड में उड़ता है तो आसमान में चलता-फिरता बादल सा नजर आता है। ये यूरोप और मध्य एशिया से भारत आते हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान में इनके विशाल झुंड देखने को मिलते हैं। कई बार पूरा पेड़ इन पक्षियों से ढक जाता है।

साइबेरियन रूबीथ्रोट एक छोटा, शर्मीला लेकिन सुरीला गायक

Siberian Rubythroat एक छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत और सुरीली आवाज वाला पक्षी है। नर पक्षी के गले पर लाल रंग का चमकीला निशान होता है। यह हिमालय की तराई, उत्तर-पूर्व भारत और उत्तराखंड के जंगलों में सर्दियों में देखा जा सकता है।

भारत क्यों बनता है प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना?

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में सर्दियों में मौसम तुलनात्मक रूप से हल्का होता है. इसके साथ साथ भारत में झील, नदियां, आर्द्रभूमियां और समुद्री तट पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं. कीड़े-मकोड़े और जलजीव इन पक्षियों का प्रमुख भोजन होते हैं. इन्हीं वजहों से भारत प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित शीतकालीन घर बनता है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि झीलों का सूखना, बढ़ता प्रदूषण, अतिक्रमण और अवैध शिकार प्रवासी पक्षियों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। अगर समय रहते इनके आवासों को सुरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में इनकी संख्या में गिरावट आ सकती है। इसलिए देश के कई राज्यों में वन विभाग, बर्ड वॉचर्स और पर्यावरण संगठन मिलकर इन पक्षियों की निगरानी कर रहे हैं। ड्रोन सर्वे, कैमरा ट्रैप और गिनती अभियान से यह देखा जा रहा है कि इस साल कितने पक्षी पहुंचे हैं। प्रवासी पक्षी सिर्फ भारत की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि यह इस बात का संकेत भी हैं कि हमारा पर्यावरण अभी जीवंत है। इनकी सुरक्षा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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