land-for-jobs case : बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब स्कैम में आरोप तय किए जाने को लेकर दिल्ली की अदालत को गुरुवार को फैसला सुनाना था, लेकिन राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इसे फिलहाल टाल दिया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी. इस मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं. इससे पहले 10 नवंबर को स्पेशल जज विशाल गोगने ने सीबीआई की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद 4 दिसंबर की तारीख तय की थी, लेकिन अब फैसला एक बार फिर टल गया है.
5 रेलकर्मी भी CBI की रडार पर
लैंड फॉर जॉब स्कैम के तार अब मध्य प्रदेश के रतलाम तक पहुंच गए हैं. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने रतलाम मंडल के पांच रेलकर्मियों के रिकॉर्ड तलब किए हैं. बुधवार को इसके लिए पश्चिम रेलवे के मुंबई मुख्यालय से रतलाम कार्यालय को आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ है. यह पत्र वेस्टर्न रेलवे चर्चगेट की डिप्टी चीफ विजिलेंस ऑफिसर (एडमिन) रश्मि पी. लोकेगांवकर द्वारा भेजा गया है. इस पत्र में संबंधित कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता, जन्म तिथि और जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज 15 दिन के भीतर भेजने के निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार इन कर्मचारियों में से कुछ पर सीधे लैंड फॉर जॉब स्कैम से जुड़ी जांच चल रही है, जबकि कुछ पर भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य मामलों की जांच भी जारी है. बीते वर्ष इन कर्मचारियों से पूछताछ के लिए दिल्ली भी बुलाया जा चुका है.
क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम?
लैंड फॉर जॉब स्कैम एक बड़ा रेलवे घोटाला है. आरोप है कि रेल मंत्रालय में लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल के दौरान जमीन के बदले रेलवे में नौकरियां दी गईं. इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है. ईडी इस केस में पहले ही लालू यादव परिवार से जुड़ी कई संपत्तियों को जब्त कर चुका है. अब 8 दिसंबर को अदालत के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, जिससे इस बहुचर्चित घोटाले की आगे की दिशा तय होगी.