क्या खत्म होने वाली है रूस-यूक्रेन युद्ध..? अमेरिकी अधिकारी का दावा इन बड़े मुद्दों पर अटका शांति समझौता

Russia-Ukraine war : रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक अहम संकेत सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निवर्तमान यूक्रेन विशेष दूत कीथ केलॉग ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता अब वाकई बहुत करीब पहुंच चुका है. केलॉग के मुताबिक, अधिकांश विवादित बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है और अब केवल दो बड़े क्षेत्रीय मुद्दे समाधान का इंतजार कर रहे हैं,डोनबास क्षेत्र का भविष्य और ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट का नियंत्रण, जो फिलहाल रूसी कब्जे में है.

दो मुद्दे सुलझ जाएं तो बाकी अपने आप हो जाएगा : केलॉग

केलॉग ने कहा कि वार्ता में तेजी आई है और अब बातचीत अंतिम मोड़ पर है. अगर हम इन दो मुद्दों को सुलझा लें, तो मुझे पूरा भरोसा है कि बाकी सारी चीज़ें अपने आप सुलझ जाएंगी. हम सचमुच उस मोड़ पर पहुंच चुके हैं. हम वाकई बहुत-बहुत करीब हैं. कीथ केलॉग के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उम्मीद के साथ-साथ चिंता भी बढ़ाई है, क्योंकि कुछ देशों का मानना है कि प्रस्तावित समझौते में रूस की मांगों को अत्यधिक तवज्जो दी जा रही है.

लीक हुआ था अमेरिकी शांति प्रस्ताव

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि पिछले महीने अमेरिका का 28 बिंदुओं वाला प्रारंभिक शांति प्रस्ताव लीक हो गया था. इस मसौदे को लेकर यूक्रेन और यूरोपीय देशों में कड़ी बेचैनी देखी गई थी, क्योंकि उनके अनुसार यह ड्राफ्ट मॉस्को की प्रमुख मांगों के आगे लगभग पूरी तरह झुक गया था. लीक हुए दस्तावेज में यूक्रेन की NATO सदस्यता पर स्थायी रोक, यूक्रेन के लगभग पांचवें हिस्से पर रूसी कब्जे को मान्यता और यूक्रेनी सेना के आकार और हथियारों पर सख्त पाबंदी जैसे अहम रूस की मांगें शामिल थीं. क्रेमलिन के अनुसार, संशोधन के बाद यह प्रस्ताव अब 27 बिंदुओं का रह गया है और इसे चार अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया गया है. हालांकि इसकी आधिकारिक सामग्री अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.

बराबर बिजली बांटने का प्रस्ताव

लीक हुए अमेरिकी मसौदे के अनुसार यूरोप के सबसे बड़े ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट को दोबारा चालू करने का प्रस्ताव है. इसके संचालन की निगरानी IAEA के हाथों में दी जाएगी. वहां उत्पन्न बिजली को रूस और यूक्रेन के बीच 50-50 अनुपात में बांटा जाएगा. वर्तमान में प्लांट के सभी रिएक्टर बंद हैं और वह रूस के नियंत्रण में है.

रूस किन क्षेत्रों पर काबिज?

ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, रूस इस समय यूक्रेन के कुल क्षेत्रफल के 19.2% हिस्से पर कब्जा बनाए हुए है. इसमें क्रीमिया (2014 में कब्जाया गया) ,पूरा लुहान्स्क, डोनेट्स्क का 80% से अधिक हिस्सा, खेरसॉन का बड़ा भाग और जापोरिज्जिया का लगभग 75% भाग शामिल हैं. इसके अलावा खार्किव, सुमी, मायकोलाइव और द्निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्रों के कुछ हिस्से पर भी रूस का कब्जा है. रूस ने फरवरी 2022 में बड़े पैमाने पर यूक्रेन पर आक्रमण किया था. यह हमला 2014 से डोनबास क्षेत्र में चल रहे संघर्ष की पृष्ठभूमि में हुआ था.

अब आगे क्या होगा ?

अमेरिका, रूस और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच बैक-चैनल वार्ता जारी है. हालांकि केलॉग के दावे के बावजूद यूक्रेन आधिकारिक तौर पर अभी भी कोई भी क्षेत्र रूसी कब्जे में स्वीकार करने से इनकार करता है. वहीं रूस कई इलाकों को पहले ही संघीय क्षेत्रों के रूप में शामिल घोषित कर चुका है.

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