Bihar government jobs : बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किए गए एक करोड़ रोजगार सृजन के बड़े वादे ने राज्यभर के युवाओं और महिलाओं के बीच नई उम्मीदें जगा दी हैं. सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले पांच वर्षों में बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कई सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जाएंगी और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे.सरकारी सूत्रों के अनुसार, रेलवे, बिहार स्टाफ सेलेक्शन कमीशन, प्रशासनिक सेवाओं सहित अन्य क्षेत्रों में नई भर्तियों पर काम शुरू हो रहा है. सरकार इस पहल को अपने व्यापक विज़न ‘सशक्त भारत–आत्मनिर्भर बिहार’ से जोड़कर देख रही है, जिसके तहत रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
महिलाओं के लिए महिला रोजगार योजना बनी गेम-चेंजर
राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही महिला रोजगार योजना तेजी से प्रभाव दिखा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संयुक्त पहल से अब तक 3 करोड़ 60 लाख परिवारों को अपना उद्यम शुरू करने में मदद मिली है.यह योजना न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ा परिवर्तन ला रही है. राज्य की 8056 पंचायतों में महिलाओं के व्यवसाय करने की संस्कृति तेजी से विकसित हुई है. पशुपालन, कृषि-आधारित उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण, कॉस्मेटिक ट्रेड से लेकर छोटे स्टार्टअप तक, महिलाएं बड़ी संख्या में नई जिम्मेदारियां संभाल रही हैं.राज्य सरकार के अनुसार, 2005 से पहले जहां रोजगार और सुरक्षा की चुनौतियां प्रमुख थीं, आज वहीं महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक मजबूती की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं.
युवाओं में रोजगार को लेकर बढ़ी उम्मीद
एक करोड़ नौकरियों और रोजगार के वादे को युवा पीढ़ी अपने भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद के रूप में देख रही है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का मानना है कि सरकार की यह योजना समय पर लागू हो गई तो बिहार आने वाले वर्षों में उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पूरे देश में एक बड़े रोजगार केंद्र के रूप में उभर सकता है.सरकार का लक्ष्य युवाओं और महिलाओं को आर्थिक तथा सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि बिहार आत्मनिर्भर विकास की नई परिभाषा तय कर सके. बिहार में रोजगार मिशन की सफलता आने वाले समय में राज्य की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है.