Bihar Ka Mausam : दिसंबर का आधा महीना बीतते ही बिहार में सर्दी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर भारत में बदले मौसम के मिजाज का सीधा असर राज्य पर पड़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार इस वक्त डबल अटैक की चपेट में है,एक तरफ शीतलहर और घना कोहरा, तो दूसरी ओर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और सर्द हवाओं की संभावना। सुबह के समय छाया घना कोहरा आम जनजीवन और यातायात को पहले ही प्रभावित कर रहा है, जबकि आने वाले दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी ठिठुरन
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 17 दिसंबर से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में असर दिखा रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसका असर बिहार के मैदानी इलाकों में महसूस किया जा रहा है। पहाड़ों से उतरने वाली सर्द पछुआ हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। विभाग का कहना है कि इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है।
तेजी से गिर रहा है रात का तापमान
राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है। भागलपुर के सबौर और समस्तीपुर के पूसा जैसे इलाकों में ठंड ज्यादा बढ़ गई है। राजधानी पटना में भले ही न्यूनतम तापमान करीब 14 डिग्री बना हुआ है, लेकिन तेज ठंडी हवाओं के कारण सुबह और शाम की ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है।
कोहरे से यातायात प्रभावित
लगातार गिरते तापमान के बीच ग्रामीण इलाकों के लिए पाले की चेतावनी भी अहम हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर रातें और ठंडी होती हैं तो खेतों में पाला पड़ सकता है। इससे सब्जियों और रबी की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। सुबह के समय घना कोहरा रेल और सड़क यातायात के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण और गोपालगंज में भारी कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। विजिबिलिटी कम होने से हाईवे और रेलवे ट्रैक पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
22 दिसंबर के बाद और सख्त होगी सर्दी
मौसम विभाग के मुताबिक 22 दिसंबर के बाद बिहार में शीतलहर का असर और तेज होने की संभावना है। घने कोहरे के साथ न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि 19 दिसंबर के बाद ठंड की तीव्रता में अचानक बढ़ोतरी महसूस की जाएगी। बीते 24 घंटों में बिहार का सबसे कम न्यूनतम तापमान कैमूर जिले में 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, रोहतास और गया में भी रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं दिन का सबसे अधिक तापमान फारबिसगंज में 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में भी करीब 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिसकी वजह दिनभर छाई धुंध बताई जा रही है।