महिला सुरक्षा नीति पर जोर….लेकिन नीतीश कुमार के हिजाब विवाद पर सवाल से बचते दिखे बिहार के डीजीपी

Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिजाब विवाद से जुड़े सवाल पर स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए.

DGP ने क्या कहा

एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि जब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सार्वजनिक रूप से यह कहते हैं कि राह चलती महिलाओं का दुपट्टा खींचने वाले मनचलों पर सख्त कार्रवाई होगी, तो क्या मुख्यमंत्री द्वारा एक महिला का हिजाब हटाने के मामले में भी कोई कार्रवाई होगी? इस सवाल पर डीजीपी विनय कुमार ने सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और बातचीत को मनचलों के खिलाफ पुलिस की नीति और महिला सुरक्षा व्यवस्था की ओर मोड़ दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अवेयर ब्रिगेड का गठन किया गया है और अगले वर्ष लगभग 2,000 स्कूटी खरीदे जाने की योजना है. इसके तहत महिला पुलिसकर्मियों को कोचिंग संस्थानों, कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर तैनात किया जाएगा.

क्या है हिजाब विवाद

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) द्वारा आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी विनय कुमार के साथ एडीजी लॉ एंड ऑर्डर पंकज दराद भी मौजूद थे. इसी दौरान पत्रकारों ने 15 दिसंबर को हुए एक सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के व्यवहार को लेकर सवाल उठाया. दरअसल, 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंप रहे थे. इसी क्रम में महिला डॉक्टर नुसरत को भी नियुक्ति पत्र दिया गया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने महिला के हिजाब की ओर इशारा करते हुए पूछा, ये क्या है? महिला ने जवाब दिया, हिजाब है, सर. इसके बाद मुख्यमंत्री ने उसे हटाने को कहा और कथित तौर पर स्वयं अपने हाथ से महिला का हिजाब हटा दिया. घटना के दौरान महिला कुछ क्षणों के लिए असहज नजर आई.

मंच पर मौजूद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री को रोकने की कोशिश करते हुए उनकी आस्तीन खींचते हुए दिखाई दिए. आसपास मौजूद कुछ लोग इस दौरान हंसते भी नजर आए. बाद में अधिकारियों ने महिला को दोबारा नियुक्ति पत्र थमाया और कार्यक्रम से जाने का संकेत दिया.

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