तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जदयू का सवाल… हिस्ट्रीशीटर रमीज नेमत संग होने का दावा कर DGP को लिखा पत्र

Bihar politics : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) विदेश में हैं. इसी बीच जनता दल (यूनाइटेड) ने दावा किया है कि तेजस्वी यादव उत्तर प्रदेश के कथित हिस्ट्रीशीटर रमीज नेमत के साथ विदेश यात्रा पर हैं. इस मामले में जदयू ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर तेजस्वी की विदेश यात्रा पर कड़ी निगरानी की मांग की है. जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने अपने पत्र में आशंका जताई है कि तेजस्वी यादव के साथ विदेश दौरे पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति हो सकते हैं, जो कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है. पार्टी ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है.

कौन हैं रमीज नेमत

रमीज नेमत का जन्म 14 नवंबर 1986 को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के भंगहा कलां गांव में हुआ. जहां दिल्ली पब्लिक स्कूल (मथुरा रोड) से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और जामिया मिलिया इस्लामिया से राजनीति विज्ञान में स्नातक तथा एमबीए की डिग्री हासिल की. इसके बाद वे चुनाव प्रबंधन और डिजिटल रणनीति के क्षेत्र में सक्रिय रहे. उनके पिता नियामतुल्ला जामिया मिलिया इस्लामिया में सोशल वर्क के प्रोफेसर रह चुके हैं, जबकि मां जामिया स्कूल में शिक्षिका हैं. परिवार लंबे समय से दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में निवास करता है. रमीज नेमत पूर्व सांसद रिज़वान जहीर के दामाद हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद उनका विवाह रिजवान जहीर की बेटी जेबा से हुआ. इसके बाद वे बलरामपुर में पूर्व सांसद के आवास पर रहने लगे, जिससे स्थानीय राजनीति में उनकी पहचान बढ़ी.

खेल से राजनीति तक का सफर

रमीज ने 12 वर्ष की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और दिल्ली के लिए अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 स्तर तक प्रतिनिधित्व किया. बाद में झारखंड चले गए, जहां 2008–09 में अंडर-22 टीम के कप्तान बने और वहीं से उनके प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई. राजनीति विज्ञान और प्रबंधन की पढ़ाई के चलते वे चुनावी रणनीति और डिजिटल कैंपेन में सक्रिय हुए. जदयू का दावा है कि रमीज नेमत तेजस्वी यादव के करीबी हैं और उनके चुनाव प्रचार व संगठनात्मक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं.

आपराधिक मामलों का आरोप, अप्रैल से जमानत पर

रमीज नेमत पर 11 आपराधिक मामले दर्ज होने का दावा किया गया है. 2021 में पंचायत चुनाव के दौरान हुए संघर्ष के एक मामले में उन्हें बाद में अदालत से राहत मिली. हालांकि, 2022 में तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज पप्पू की हत्या के मामले में उन्हें नामजद किया गया, जिसके बाद उन पर एनएसए और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई. कौशांबी जिले के कोखराज थाने में भी उनके खिलाफ हत्या का एक मुकदमा दर्ज बताया जाता है. लंबे समय तक बलरामपुर जेल में रहने के बाद वे अप्रैल 2025 में जमानत पर रिहा हुए. मार्च 2023 में प्रशासन ने रमीज नेमत के नाम दर्ज 0.4326 हेक्टेयर भूमि को कुर्क किया था. यह जमीन कांशीराम कॉलोनी के पीछे स्थित है, जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये आंकी गई. प्रशासन का दावा है कि यह संपत्ति अवैध आय से अर्जित की गई थी. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह जमीन पूर्व सांसद रिज़वान जहीर द्वारा अपने दामाद रमीज के नाम खरीदी गई थी.

DGP से कड़ी निगरानी की मांग

जदयू ने अपने पत्र में DGP से आग्रह किया है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ कथित रूप से विदेश दौरे पर गए आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी जाए, ताकि कानून-व्यवस्था से जुड़े किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके.

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