Bihar Political Future : वैसे तो राजनीति में कब क्या हो जाए कुछ भी नहीं कहा जा सकता लेकिन बिहार की राजनीति एक दम से अनप्रिडिक्टेबल है. ऐसे में 2026 से पहले एक बार फिर भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल यह उठ रहा है कि साल 2026 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर सियासी पलटी मारेंगे या फिर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सत्ता के और करीब पहुंचेंगे। इसी बीच कई ज्योतिषाचार्य ने दोनों नेताओं के आने वाले वर्षों को लेकर अपना आकलन सामने रखा है।
नीतीश कुमार के लिए 2026–27 चुनौतीपूर्ण
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए आने वाले दो साल अनुकूल नहीं हैं। इस दौरान उनके कुछ फैसले या बयान विवाद का कारण बन सकते हैं। हाल के वर्षों में भी नीतीश कुमार अपने बयानों और व्यवहार को लेकर चर्चा में रहे हैं। 15 दिसंबर 2025 को एक कार्यक्रम के दौरान महिला डॉक्टर को नियुक्ति पत्र सौंपते समय हुई घटना को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया था, जिसका असर अभी तक पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ज्योतिषीय आकलन के मुताबिक, इस तरह के विवाद भविष्य में उनकी सियासी स्थिति को कमजोर कर सकते हैं।
क्या फिर पलटी मार सकते हैं नीतीश ?
नीतीश कुमार के राजनीतिक रुख बदलने को लेकर पूछे गए सवाल पर ज्योतिषाचार्य का कहना है कि वे कोशिश जरूर कर सकते हैं, लेकिन उसमें सफलता मिलने के संकेत नहीं हैं। उनका कहना है कि इस समय नीतीश कुमार को आंतरिक कलह और समर्थन की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनके प्रयास प्रभावी साबित नहीं होंगे। ज्योतिषाचार्य ने उन्हें सलाह दी है कि वे विवादों से दूरी बनाए रखें, क्योंकि आने वाला समय उनके लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।
तेजस्वी यादव के लिए सीख और तैयारी का समय
वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लिए साल 2026 को अपेक्षाकृत बेहतर बताया गया है। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, यह समय उनके लिए खुद को तैयार करने और जनसंपर्क मजबूत करने का है। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि अगर तेजस्वी यादव इस अवधि में सक्रिय रहकर जनता के बीच संवाद बढ़ाते हैं और संगठनात्मक स्तर पर काम करते हैं, तो आने वाले समय में इसका लाभ मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल सत्ता में सीधे पहुंचने के योग नहीं बनते दिख रहे हैं।
कैसा है बिहार का राजनीतिक भविष्य
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 2026–27 का समय चुनौतियों और विवादों से भरा हो सकता है, वहीं तेजस्वी यादव के लिए यह दौर अवसरों वाला बताया गया है, हालांकि सत्ता तक पहुंचने के स्पष्ट संकेत अभी नहीं दिखते। कुल मिलाकर ज्योतिषीय आकलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 2026–27 का समय चुनौतीपूर्ण बताया गया है, जबकि तेजस्वी यादव के लिए यह दौर संभावनाओं और तैयारी का माना गया है। बिहार की राजनीति में आगे क्या मोड़ आएगा, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।