ईरान में उबाल…दो हफ्तों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन, ट्रम्प ने सैन्य कार्रवाई के दिए संकेत

World news : ईरान में पिछले दो हफ्तों से सरकार के खिलाफ जबरदस्त जनाक्रोश(Iran protests) देखने को मिल रहा है. देश के कई बड़े शहरों में लगातार प्रदर्शन जारी हैं, जिन्हें काबू में करने के लिए ईरानी सुरक्षा बलों ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. इस बीच अमेरिका ने भी ईरान को लेकर अपना रुख सख्त कर लिया है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान पर संभावित सैन्य हमलों को लेकर अधिकारियों ने विस्तृत ब्रीफिंग दी है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करती है तो ट्रम्प सैन्य हस्तक्षेप पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं. हालांकि फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

ट्रम्प का बड़ा बयान…अमेरिका मदद को तैयार

राष्ट्रपति ट्रम्प ने शनिवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान आजादी की ओर देख रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ. अमेरिका मदद के लिए तैयार है. इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है. माना जा रहा है कि अमेरिका ईरान की आंतरिक स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है.

ईरान की चेतावनी…हमला हुआ तो करारा जवाब देंगे

ईरान ने भी अमेरिका और इजराइल को कड़ी चेतावनी दी है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने रविवार को कहा कि अगर अमेरिका या इजराइल ने ईरान पर हमला किया तो उसे सख्त और निर्णायक जवाब दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा और किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का डटकर मुकाबला करेगा.

बढ़ता मौत का आंकड़ा..हजारों गिरफ्तार

हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. टाइम मैगजीन ने तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से बताया है कि अब तक कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है. वहीं, न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक 2600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मानवाधिकार संगठनों ने ईरान सरकार पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है.

पश्चिम एशिया में बढ़ा युद्ध का खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ा तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ेगा. इजराइल, खाड़ी देश और यूरोपीय राष्ट्र भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं. ईरान में जारी आंदोलन अब केवल सरकार विरोधी प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक संकट का रूप ले चुका है.

सोर्स : मीडिया रिपोर्ट

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