Bihar politics :बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की शुक्रवार को पहली समीक्षा बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने की. अपने सरकारी आवास पर आयोजित इस बैठक में पार्टी के सांसदों और कोर कमेटी के सदस्यों ने हिस्सा लिया. बैठक में संगठनात्मक हालात की समीक्षा के साथ-साथ आगामी बजट सत्र की रणनीति पर भी मंथन किया गया. हालांकि बैठक के साथ ही राजद के भीतर पारिवारिक और राजनीतिक मतभेद भी खुलकर सामने आ गए हैं. इस बीच राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव पर सोशल मीडिया के जरिए तीखा हमला बोला है.
सोशल मीडिया पोस्ट में तेजस्वी पर तंज
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी खुद आत्म-मंथन करने और जिम्मेदारी लेने की है. अपने इर्द-गिर्द कब्जा जमाए बैठे चिन्हित गिद्धों को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी. बाकी तो ये जो पब्लिक है न, वो सब जानती-समझती ही है.
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पहले भी जता चुकी है ऐतराज
ज्ञात हो कि यह पहली बार नहीं है जब रोहिणी आचार्य ने बिना नाम लिए तेजस्वी यादव पर निशाना साधा हो. बिहार चुनाव में राजद की हार के बाद यह पारिवारिक टकराव खुलकर सामने आया था. रोहिणी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए तेजस्वी पर गंभीर आरोप लगाए थे.उन्होंने कहा था कि पार्टी और परिवार दोनों में उनके साथ अन्याय हुआ है और लालू यादव की राजनीतिक विरासत को कुछ लोग नुकसान पहुंचा रहे हैं. तेजस्वी के करीबी नेताओं और सलाहकारों पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया था कि इन्हीं लोगों के कारण पार्टी गलत दिशा में जा रही है.
भविष्य की राजनीति पर असर
राजद के भीतर जारी यह पारिवारिक विवाद अब पार्टी की छवि और भविष्य की राजनीति पर भी असर डाल सकता है. लालू परिवार की एकता को हमेशा पार्टी की सबसे बड़ी ताकत माना जाता रहा है, ऐसे में यह टकराव बिहार की राजनीति में एक नए मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह मतभेद लंबे समय तक जारी रहे, तो इसका असर पार्टी के संगठन और जनाधार पर भी पड़ सकता है.