Sex Drive Peak Age : अब तक यह माना जाता रहा है कि पुरुषों में यौनेच्छा यानी सेक्सुअल डिजायर 20 की उम्र में सबसे ज्यादा होती है, लेकिन एक नई अंतरराष्ट्रीय स्टडी इस धारणा को पूरी तरह बदल देती है. रिसर्च में सामने आया है कि पुरुषों की सेक्स ड्राइव उनकी उम्र से ज्यादा उनकी शारीरिक और मानसिक परिपक्वता से जुड़ी होती है और असल में यह 40 की उम्र के आसपास पीक पर पहुंचती है. एस्टोनिया की टार्टू यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने 20 से 84 साल की उम्र के 67 हजार से ज्यादा वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया. यह स्टडी प्रतिष्ठित जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित हुई है.
कब चरम पर पहुंचती है पुरुषों की यौनेच्छा
रिसर्च के मुताबिक पुरुषों में सेक्स की इच्छा 20’s में बढ़ती है, 40’s की शुरुआत में अपने चरम पर पहुंचती है और इसके बाद धीरे-धीरे कम होने लगती है. दिलचस्प बात यह है कि 60 साल की उम्र के पुरुष भी उतने ही कामुक पाए गए, जितने कि 20 साल के युवा. यह नतीजे इसलिए भी चौंकाने वाले हैं क्योंकि आमतौर पर माना जाता है कि 30 की उम्र के बाद पुरुषों में सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिरने लगता है. इसके बावजूद स्टडी बताती है कि पुरुषों की सेक्स ड्राइव अगले 10 साल या उससे ज्यादा समय तक बढ़ती रहती है. हालांकि महिलाओं के मामले में ट्रेंड अलग नजर आया. स्टडी के अनुसार महिलाओं में सेक्स की इच्छा 20 से 30 साल की उम्र के बीच सबसे ज्यादा होती है, लेकिन इसके बाद उम्र के साथ इसमें गिरावट आने लगती है और 50 के बाद इसमें तेजी से कमी देखी जाती है.
रिश्तों की भूमिका भी अहम
रिसर्चर्स का मानना है कि पुरुषों में मिड-लाइफ यानी 40’s में पीक सेक्स ड्राइव सिर्फ बायोलॉजी से नहीं बल्कि रिश्तों की मजबूती और भावनात्मक नजदीकी से भी जुड़ी हो सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस उम्र में पुरुषों के स्थिर और लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों में होने की संभावना ज्यादा होती है, जो बढ़ी हुई सेक्सुअल एक्टिविटी से जुड़ी होती है.
प्रोफेशन और फैमिली फैक्टर भी असरदार
स्टडी में यह भी पाया गया कि ऑफिस या सेल्स जॉब करने वाले लोग सबसे ज्यादा कामुक थे, जबकि मशीन ऑपरेटर्स और मिलिट्री में काम करने वाले सबसे कम. रिलेशनशिप से संतुष्टि रखने वाले कपल्स ने भी खुद को थोड़ा ज्यादा कामुक बताया. महिलाओं में ज्यादा बच्चे होने का संबंध कम सेक्सुअल डिजायर से जुड़ा पाया गया, जबकि पुरुषों में यह ट्रेंड उल्टा नजर आया. रिसर्च की मानें तो सेक्सुअल डिजायर इंसानी रिश्तों और वेलबीइंग का एक अहम हिस्सा है, जो डेमोग्राफिक, रिलेशनशिप, मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक कारकों से मिलकर बनती है. कुल मिलाकर यह स्टडी यह साफ करती है कि पुरुषों की यौनेच्छा केवल उम्र या हार्मोन पर निर्भर नहीं करती, बल्कि जीवनशैली, रिश्तों और मानसिक परिपक्वता भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं.