पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड ने खोली सिस्टम की पोल…बिहार के हॉस्टल्स में कौन,किसके लिए कर रहा लड़कियों की डील?

Patna Girls Hostel Sex Racket : अपने सपनों का पीछा कर रही लड़कियों के लिए बिहार के गर्ल्स हॉस्टल कितने सुरक्षित है? क्या पढ़ाई के नाम पर चल रहे हॉस्टल असल में देह व्यापार के अड्डे हैं, जहां से सेक्स रैकेट चल रहा है? पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की छात्रा के साथ हुई सनसनीखेज घटना ने इन तमाम सवालों को फिर से जिंदा कर दिया है. इस घटना के बाद से पूरे बिहार में हॉस्टल व्यवस्था, पुलिस निगरानी और प्रशासनिक सिस्टम पर सवालों की बौछार हो गई है. एक साथ कई ऐसी घटनाओं ने और राजधानी पटना समेत कई जिलों में संचालित निजी गर्ल्स हॉस्टल्स को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है.

NEET छात्रा से हुई घटना ने मचाया हड़कंप

दरअसल पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही एक NEET की छात्रा के साथ हुई आपराधिक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए घर से दूर रह रही छात्रा को जिस जगह सुरक्षित होना चाहिए था, वही जगह उसके लिए मौत का कारण बनी. इस मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले भी हॉस्टल को लेकर शिकायतें हुई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.

हॉस्टल के नाम पर चल रहा सेक्स रैकेट?

घटना के बाद सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स ने हालात को और भी गंभीर बना दिया है. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पटना में गर्ल्स हॉस्टल के नाम पर सेक्स रैकेट का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है. रिपोर्ट के मुताबिक कई हॉस्टल पढ़ाई के नाम पर लड़कियों को रखते हैं, लेकिन असल में वहां देह व्यापार का संगठित धंधा चलता है. एजेंट्स के जरिए लड़कियों की सप्लाई की जाती है. बताया जा रहा है कि कुछ हॉस्टल्स पूरी तरह से सेक्स रैकेट के फ्रंट ऑफिस की तरह काम कर रहे हैं. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अगर कोई छात्रा अनजाने में ऐसे हॉस्टल में रहने चली जाती है, तो उसे भी इस दलदल में धकेलने की कोशिश की जाती है. गरीब और बाहर से आई छात्राओं को बहला-फुसलाकर धंधे में उतारने की कोशिश की जाती है.

पप्पू यादव का बड़ा आरोप

जानकारी के लिए बता दें कि पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले में खुलासे के बाद हॉस्टल माफिया पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि पटना के हॉस्टल्स में सेक्स रैकेट का धंधा चलता है. कई बार इस पर चर्चा कर चुका हूं. पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन दबा दी गईं. इसलिए बच्चियों को किसी कीमत पर हॉस्टल में मत डालिए. पप्पू यादव का आरोप है कि कई हॉस्टल संचालक खुद इस रैकेट को चला रहे हैं और रसूखदार नेताओं और अधिकारियों तक लड़कियों की सप्लाई करते हैं.

संचालक पर पहले से रैकेट चलाने का आरोप

जिस शंभू गर्ल्स हॉस्टल में घटना हुई, उसके संचालक पर भी पहले से ही पटना में सेक्स रैकेट चलाने के आरोप लगते रहे हैं. मीडिया रिेपोर्ट के मुताबिक वह लंबे समय से लड़कियों की सप्लाई करता रहा है, रसूखदार लोगों से उसका संपर्क है,कई मामलों को पहले भी दबाया गया है. ऐसे में सवाल यह है कि ऐसे लोग किसके इशारों पर इतने बेखौफ होकर हॉस्टल चला रहे थे? मामले में पुलिस पर जिस तरह के सवाल उठाए जा रहे अगर वो सही हैं तो यह मामला सिर्फ एक हॉस्टल या एक छात्रा का नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की विफलता को उजागर करता है. जो महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है.

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

पटना का शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि बिहार में गर्ल्स हॉस्टल के नाम पर चल रहे काले धंधे का आईना है. जब तक सिस्टम में बैठे जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं. अब देखना यह है कि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है. हालांकि घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं. कई हॉस्टल्स की जांच शुरू कर दी गई है. लेकिन सवाल यह है कि क्या यह जांच सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह जाएगी? या सच में हॉस्टल माफिया पर कार्रवाई होगी? क्या छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा?

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