Darbhanga Raj Pariwar Bhoj : दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी की बाहरवीं के अवसर पर गुरुवार को भव्य महाभोज का आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक श्राद्ध भोज में एक लाख से अधिक लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है. आयोजन को लेकर राजसी वैभव और पारंपरिक मिथिला संस्कृति की झलक साफ नजर आई.महाभोज के दौरान ब्राह्मणों को चांदी की थाली, ग्लास, कटोरी, चम्मच और बिस्किट दान में दिए जा रहे हैं. इसके अलावा एसी, कूलर, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसी महंगी घरेलू वस्तुएं भी दान स्वरूप प्रदान की गईं.
राजसी खान-पान की विशेष व्यवस्था
भोज की तैयारी बड़े पैमाने पर की गई है. बाल्टियों में दही और टबों में गुलाब जामुन रखे गए हैं. करीब पांच लाख मिठाइयां तैयार कराई गई हैं. आयोजन में 56 भोग, पारंपरिक मिथिला व्यंजन, 10 से 12 प्रकार की मिठाइयों सहित राजसी खान-पान की विशेष व्यवस्था की गई है. आयोजकों के अनुसार, लगभग 3,000 प्रकार के व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं. इस महाभोज में देश के कई राजघरानों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी कार्यक्रम में पहुंचे, वहीं बड़ी संख्या में साधु-संतों की उपस्थिति भी देखने को मिली. भोज की व्यवस्था के लिए करीब 300 कारीगरों की टीम को लगाया गया है. इससे पहले बुधवार को भी लगभग 50 हजार लोगों को श्राद्ध भोज कराया गया था.
96 वर्ष की उम्र में महारानी कामसुंदरी देवी का निधन
गौरतलब है कि दरभंगा राज परिवार की महारानी कामसुंदरी देवी का 12 जनवरी को निधन हो गया था. वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं. 96 वर्ष की उम्र में उन्होंने दरभंगा स्थित कल्याणी निवास में अंतिम सांस ली.