Shambhu Girls Hostel Case : पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में अब तक कोई ठोस खुलासा नहीं हो सका है. मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) लगातार पड़ताल कर रही है, लेकिन फिलहाल किसी बड़े ब्रेकथ्रू (Bihar Crime) की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
गर्ल्स हॉस्टल के बाहर छात्राओं का प्रदर्शन
इस बीच मामले को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है. बुधवार को कई महिलाओं ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की तख्तियां लेकर शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि जब तक हॉस्टल को बुलडोजर से गिराने का नोटिस जारी नहीं किया जाएगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा. महिलाओं का आरोप है कि मृत छात्रा से जुड़े आरोपी हॉस्टल परिसर में ही खुलेआम घूम रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हॉस्टल के पीछे के दोनों गेट खुले हुए हैं, जबकि मुख्य गेट को भी अब तक सील नहीं किया गया है. महिलाओं ने चेतावनी दी कि जब तक प्रशासनिक और सरकारी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते, वे वहां से हटने वाले नहीं हैं.
छात्रा ने जहानाबाद से खरीदी थी एंटी-डिप्रेशन की दवा: SIT
इधर, SIT की जांच में यह सामने आया है कि छात्रा ने 26 दिसंबर को जहानाबाद से नींद और एंटी-डिप्रेशन से जुड़ी दवाएं खरीदी थीं. छात्रा 5 जनवरी को वह दवाएं अपने साथ लेकर पटना आई थी. पुलिस ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन से छात्रा के कमरे से बरामद दवा की खाली रैपर जब्त की थी. रैपर पर दर्ज बैच नंबर के आधार पर पुलिस जहानाबाद स्थित संबंधित मेडिकल दुकान तक पहुंची. जांच में पता चला है कि छात्रा ने एंटी-डिप्रेशन की कुल छह पत्तियां खरीदी थीं.
जहानाबाद से ड्राइवर हिरासत में
मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए SIT की दो टीमें बुधवार को जहानाबाद पहुंचीं. एक टीम, जिसकी अगुवाई महिला डीएसपी कर रही थीं, ने छात्रा के गांव जाकर परिजनों से पूछताछ की और वहां से एक युवक को हिरासत में लिया. हिरासत में लिया गया युवक पेशे से ड्राइवर बताया जा रहा है. वहीं, SIT की दूसरी टीम में परसा बाजार की थानाध्यक्ष मोनिका रानी, जक्कनपुर थानाध्यक्ष समेत चार पुलिस अधिकारी शामिल थे. टीम जहानाबाद नगर थाना पहुंची और वहां कुछ देर रुकने के बाद टेहटा-मखदुमपुर की ओर रवाना हो गई.
परिजनों का SIT पर गंभीर आरोप
छात्रा के पिता ने आरोप लगाया है कि घटना के पांचवें दिन भी SIT की टीम ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की. उनका कहना है कि जांच के दौरान बार-बार एक जैसे सवाल पूछे जा रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि SIT बार-बार यह कह रही है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की है और गलती उसी की थी. पिता का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी को खो दिया है, लेकिन इसके बावजूद पूरे परिवार को ही संदेह के घेरे में खड़ा किया जा रहा है. फिलहाल मामले को लेकर SIT की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है.