Bihar Budget : नीतीश कुमार सरकार ने विधानसभा में ₹3.47 लाख करोड़ का बजट पेश किया है, यह पिछले साल की तुलना में करीब ₹30 हजार करोड़ अधिक है। सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में रोजगार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है।
महिला रोजगार को बड़ा बढ़ावा
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि महिला रोजगार योजनाओं के तहत अब तक 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है। अब महिलाओं को अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने के लिए ₹2 लाख तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी।
गरीब परिवारों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर फोकस
जाति आधारित गणना में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को लघु उद्यमी योजना के माध्यम से सशक्त किया जाएगा। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे।
कृषि और ग्रामीण विकास
चौथे कृषि रोडमैप के जरिए किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और मखाना उद्योग को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को ₹3,000 सालाना अतिरिक्त देने की घोषणा की गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को सबसे अधिक आवंटन
बजट में स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए ₹68,216 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो सभी विभागों में सबसे अधिक है। स्वास्थ्य के लिए ₹21,270 करोड़ और ग्रामीण विकास के लिए ₹23,701 करोड़ आवंटित किए गए हैं। PMCH में पहले चरण में 1100 बेड तैयार हो चुके हैं। पूर्णियां, बेतिया, समस्तीपुर, मधेपुरा और सारण के बाद 10 अन्य जिलों में नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के रूप में विकसित किया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग पर जोर
राज्य में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज तथा हर पंचायत में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। उद्योग क्षेत्र में ₹50 लाख करोड़ के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार योजना के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू किया जाएगा। इसके अलावा डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी की स्थापना की घोषणा की गई है।
रोजगार, कौशल और सामाजिक सुविधाएं
स्किल डेवलपमेंट के लिए हब एंड स्पोक मॉडल के तहत हर कमिश्नरी में मेगा स्किल सेंटर बनाए जाएंगे। सरकार का दावा है कि 2025 से 2030 के बीच राज्य में 1 करोड़ रोजगार अवसर सृजित किए जाएंगे। सौर ऊर्जा के विस्तार, गरीबों के लिए सस्ता आवास, खेल और पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ-साथ बुजुर्गों को घर बैठे स्वास्थ्य सेवाएं और संपत्ति पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।