Patna hostel case : पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले ने बिहार की सियासत को गरमा दिया है. इस घटना को लेकर कांग्रेस ने बिहार सरकार और सत्तारूढ़ बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की है.
प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में कहा कि घटना स्वयं जितनी भयावह है, उससे अधिक चिंताजनक सरकार की प्रतिक्रिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि FIR दर्ज करने से लेकर जांच प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई तक कई स्तरों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. प्रियंका ने पूछा कि आखिर किसे बचाने के लिए पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है. उन्होंने इस मामले की तुलना उत्तर प्रदेश के हाथरस, उन्नाव और उत्तराखंड के अंकिता भंडारी जैसे चर्चित मामलों से करते हुए कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में एक समान पैटर्न देखने को मिलता है.
उनके मुताबिक, ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के बजाय सत्ता तंत्र आरोपी पक्ष के साथ खड़ा दिखाई देता है. सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर भी प्रियंका गांधी ने कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि पप्पू यादव पीड़ित छात्रा के लिए न्याय की मांग कर रहे थे और उसी दौरान उनकी गिरफ्तारी सरकार की असंवेदनशीलता और दमनकारी रवैये को दर्शाती है. प्रियंका ने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके सहयोगियों का एजेंडा साफ है, कि वे अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं और जवाबदेही मांगने वाली आवाजों को दबाया जा रहा है.
राहुल गांधी का समर्थन
राहुल गांधी ने भी पप्पू यादव के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि पटना में NEET अभ्यर्थी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की, तो केस को भटकाने, परिजनों को प्रताड़ित करने और अपराधियों को संरक्षण देने जैसा पैटर्न सामने आया. राहुल गांधी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए कहा कि यह कदम जवाबदेही मांगने वाली आवाजों को डराने और दबाने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि एक व्यापक और चिंताजनक पैटर्न की ओर इशारा करता है.
जांच में लापरवाही और राजनीतिक संरक्षण का आरोप
इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. विपक्ष जहां सरकार पर निष्पक्ष जांच में लापरवाही और राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगा रहा है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले की जांच जारी है और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. इस बीच, छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने भी छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं.