हमारी भ्रूण हत्या कराई जा रही है… RJD के कार्यकारी अध्यक्ष का तेजस्वी यादव ने किया औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण

Tejashwi Yadav : पटना में शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी यादव ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया. पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही. इस दौरान तेजस्वी यादव ने संगठन विस्तार, NDA सरकार पर आरोपों और पार्टी की भावी रणनीति को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी.

राजनीतिक हमलों पर तेजस्वी का बयान

अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही उन्हें निशाना बनाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कम उम्र में ही उनके खिलाफ CBI और ED के मामले दर्ज किए गए. उनका कहना था कि यह सब राजनीतिक कारणों से किया गया. उन्होंने 2017 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उन्हें साजिशों का सामना करना पड़ा. तेजस्वी ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है और निजी हमले किए जा रहे हैं.

संगठन विस्तार और नई जिम्मेदारी

कार्यकारी अध्यक्ष बनने को उन्होंने पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी बताया. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य पार्टी संस्थापक लालू प्रसाद यादव के सपनों को आगे बढ़ाना है. तेजस्वी ने घोषणा की कि होली के बाद वे पूरे बिहार का दौरा करेंगे और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को दोबारा राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना उनका प्रमुख लक्ष्य है. तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में NDA सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों को कमजोर कर रही है तथा विपक्ष को दबाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में लोक हारा और तंत्र जीता, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी पार्टी न तो डरने वाली है और न ही झुकने वाली.

कार्यकर्ताओं को संदेश कहा समय हमारा भी आएगा

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि पार्टी कमजोर नहीं है, बल्कि समय चुनौतीपूर्ण है. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में राजनीतिक परिस्थितियां बदलेंगी और RJD का दौर फिर लौटेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वे अधिकारियों के मुख्यमंत्री बनकर रह गए हैं. उन्होंने दावा किया कि बिहार में यदि कोई बड़ा जननेता है तो वह लालू प्रसाद हैं. तेजस्वी ने यह भी कहा कि NDA नेताओं का मुख्य एजेंडा RJD और उसके नेतृत्व की आलोचना करना है. तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं से आक्रामक रुख अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई पार्टी या नेता अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता है तो चुप रहने की आवश्यकता नहीं है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान RJD की आगे की रणनीति का संकेत माना जा रहा है.

नई रणनीति के संकेत

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी यादव की नियुक्ति RJD में नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिक शुरुआत है. पार्टी अब युवा नेतृत्व के तहत संगठनात्मक पुनर्गठन, राष्ट्रीय विस्तार और NDA के खिलाफ मजबूत विपक्ष की भूमिका पर जोर देती दिखाई दे रही है. तेजस्वी यादव के इस पहले औपचारिक संबोधन में भावनात्मक अपील, राजनीतिक आरोप और संगठनात्मक रणनीति, तीनों के संकेत साफ दिखाई दिए. आने वाले दिनों में उनका बिहार दौरा और संगठन विस्तार अभियान RJD की दिशा तय करेगा.

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