Health news : स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पानी सिर्फ शरीर की प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रक्त में मिलकर शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मानव शरीर का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना है, फिर भी बहुत कम लोग यह जानते हैं कि किस तरह का पानी पीना अधिक लाभकारी होता है.
सुबह गुनगुना पानी पीने के फायदे
सदियों से सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीने की परंपरा चली आ रही है. आयुर्वेद के जानकारों का कहना है कि यह केवल एक आदत नहीं, बल्कि शरीर को संतुलित रखने की एक प्रभावी प्रक्रिया है. आयुर्वेद में सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने को पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी बताया गया है. विशेषज्ञों के मुताबिक इससे मंद पड़ी पाचन अग्नि सक्रिय होती है और भोजन को बेहतर तरीके से पचाने में मदद मिलती है. रिपोर्ट्स के अनुसार हल्का गर्म पानी आंतों की गतिशीलता को बढ़ाता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक हो सकता है. साथ ही यह छाती में जमा कफ को ढीला करने में मदद करता है. वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी गुनगुना पानी उपयोगी माना जाता है, क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को सक्रिय कर चर्बी घटाने में सहायक हो सकता है.
किस मौसम में कितना सही है पानी पीना
विशेषज्ञों का कहना है कि गुनगुना पानी केवल सुबह ही नहीं, बल्कि दिन में भी लिया जा सकता है. भोजन से लगभग आधा घंटा पहले इसका सेवन पाचन शक्ति को मजबूत करने और वजन नियंत्रित रखने में मददगार बताया गया है. वहीं, भोजन के करीब एक घंटे बाद भी गुनगुना पानी पीना सुरक्षित माना जाता है. हालांकि, कुछ स्थितियों में गुनगुने पानी से परहेज करने की सलाह दी जाती है. अत्यधिक प्यास या डिहाइड्रेशन की स्थिति में गुनगुना पानी पीना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि इससे शरीर की गर्मी बढ़ सकती है. गर्मी के मौसम में अधिक गर्म या गुनगुना पानी घबराहट और असहजता का कारण बन सकता है. इसके अलावा जिन लोगों को पित्त की समस्या या पेट में जलन रहती है, उन्हें भी गर्मियों में गुनगुने पानी का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए. स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी आदत को अपनाने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति और मौसम का ध्यान रखना जरूरी है. यदि किसी को पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो चिकित्सक से परामर्श लेना बेहतर विकल्प हो सकता है.