मद्रास हाईकोर्ट ने क्यों दिया एम एस धोनी 10 लाख जमा करने का आदेश… जानें क्या है पूरा मामला

MS Dhoni defamation case : एम एस धोनी को Madras High Court ने निर्देश दिया है कि वे 12 मार्च तक 10 लाख रुपये जमा करें. यह राशि उस सीडी को लिखित रूप में ट्रांसक्राइब कराने की लागत के लिए जमा कराई जाएगी, जो पूर्व आईपीएस अधिकारी Sampath Kumar के खिलाफ दायर मामले से संबंधित है.

क्या है मामला

दरअसल, वर्ष 2013 में आईपीएल सट्टेबाजी विवाद को लेकर एक निजी टेलीविजन बहस के दौरान सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी संपत कुमार ने आरोप लगाया था कि चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी का भी इस मामले से संबंध है. इन टिप्पणियों को अपनी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए धोनी ने 2014 में मद्रास हाईकोर्ट में संपत कुमार के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी.

लिखित रूप में ट्रांसक्राइब किया जा रहा टिप्पणी

इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था कि संबंधित सीडी को निर्धारित शुल्क के भुगतान के अधीन लिखित रूप में ट्रांसक्राइब किया जाए. सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आर.एन. मंजुला ने कहा कि सीडी को ट्रांसक्राइब करने के लिए एक अनुवादक और एक टाइपिस्ट को तीन से चार महीने तक पूरा समय देना होगा. साथ ही, अनुवादित दस्तावेजों की प्रतियां तैयार करने पर अतिरिक्त खर्च भी आएगा.

12 मार्च तक 10 लाख जमा करने का आदेश

अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता महेंद्र सिंह धोनी 12 मार्च तक 10 लाख रुपये की राशि मुख्य न्यायाधीश राहत कोष में जमा करें. अनुवादक और टाइपिस्ट को मार्च के तीसरे सप्ताह तक ट्रांसक्रिप्शन का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को निर्धारित की गई है.

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