Rajpal Yadav cheque bounce case : अभिनेता राजपाल यादव 2010 में लिए गए कर्ज को चुकाने में असमर्थ होने के कारण तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करने के बाद से सुर्खियों में हैं. उनके परिवार को उम्मीद थी कि गुरुवार को जमानत सुनवाई के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा. हालांकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले को 16 फरवरी (सोमवार) तक के लिए स्थगित कर दिया और शिकायतकर्ता को यादव की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही अभिनेता के वकील से यह स्पष्ट करने को कहा कि वह कर्ज का भुगतान कैसे करेंगे.
अभी क्या हो रहा है?
राजपाल यादव ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद गुरुवार को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की एकल पीठ ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि यादव ने पहले अपनी देनदारी स्वीकार की थी और कई बार भुगतान का आश्वासन भी दिया था, लेकिन वे उन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहे. अदालत ने टिप्पणी कहते हुए कहा कि आप अदालत के आदेश के कारण जेल नहीं गए. आप अदालत के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन न करने के कारण जेल गए हैं. दोपहर 1 बजे मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने कार्यवाही को संक्षेप में दोपहर 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया और यादव के वकील को अभिनेता से संपर्क करने और यह स्पष्ट निर्देश प्राप्त करने का निर्देश दिया कि क्या पैसा अदालत में जमा किया जाएगा या सीधे शिकायतकर्ता को भुगतान किया जाएगा. हालांकि वकील अभिनेता से संपर्क करने में असमर्थ रहे. इसके बाद मामले को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया, जिसका मतलब है कि राजपाल यादव कम से कम 16 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे.
जेल में क्यों है अभिनेता राजपाल यादव ?
अब मीडिया रिपोर्ट की मानें तो राजपाल यादव का आत्मसमर्पण रातोंरात नहीं हुआ, बल्कि यह 15 वर्षों से अधिक समय तक चली कानूनी लड़ाई का परिणाम है. दरअसल 2010 में अभिनेता ने कथित तौर पर व्यवसायी माधव गोपाल अग्रवाल से अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लपाता’ के लिए 5 करोड़ रुपये लिए थे. खबरों के मुताबिक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 37 लाख रुपये कमाए और व्यावसायिक रूप से असफल रही. फिल्म की असफलता के बाद, ऋण चुकाने में दिक्कतें शुरू हो गईं. समय के साथ, ब्याज सहित 5 करोड़ रुपये की राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई. इसके बाद कई बार चेक बाउंस हुए और मामला अंततः चेक बाउंस कार्यवाही के तहत अदालत तक पहुंचा. यादव को ऋण का भुगतान न करने के लिए तीन महीने की सिविल जेल की सजा सुनाई गई. हालांकि बाद में उन्हें इस आश्वासन पर राहत दी गई कि वे बकाया राशि किश्तों में चुका देंगे, लेकिन खबरों के अनुसार भुगतान नहीं हुआ.हालांकि, राजपाल यादव लगातार यह दावा करते रहे कि यह पैसा ऋण नहीं बल्कि निवेश था.
सहायता के लिए आगे सिनेमा जगत के दिग्गज
कानूनी उथल-पुथल के बीच सिनेमा जगत के कई सहयोगियों ने अभिनेता राजपाल यादव को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आगे कदम बढ़ाया है. सोनू सूद मदद के लिए आगे आने वालों में सबसे पहले थे. संगीतकार अमाल मलिक ने 1.11 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की. गायक मीका सिंह ने 11 लाख रुपये, तेज प्रताप यादव ने 11 लाख रुपये, अनुप जलोटा ने 5 लाख रुपये और केआरके ने 10 लाख रुपये का योगदान देने का वादा किया. राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी जैन ने मीडिया को बताया कि राजपाल यादव की मदद के लिए कई लोग आगे आए हैं. सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे अभिनेताओं ने अपना समर्थन दिया है.