Maithili Thakur Speech : बिहार विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान अलीनगर से विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने संबोधन में राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों की सराहना की और अपने क्षेत्र में विद्यालय भवनों के विस्तार की मांग उठाई.
शिक्षकों की कमी थी और छात्राओं की शिक्षा गंभीर चुनौती
अपने भाषण में उन्होंने 2005 से पहले की शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय विद्यालयों की स्थिति दयनीय थी, शिक्षकों की कमी थी और छात्राओं की शिक्षा गंभीर चुनौती बनी हुई थी. उन्होंने राज्य में 2005 के बाद हुए बदलावों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई योजनाओं का उल्लेख किया. खास तौर पर मुख्यमंत्री साइकिल योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की स्कूल तक पहुंच आसान बनाई और नामांकन तथा उपस्थिति दर में वृद्धि हुई. उन्होंने कहा कि इससे छात्राओं का ड्रॉपआउट घटा और बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिला.
विधायक ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार और महिला सुरक्षा से जुड़ी पहलों ने शिक्षा के अनुकूल वातावरण तैयार किया है. उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं, जिससे सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ी है.
विद्यालयों में भवन आवश्यकता पर जोर
शिक्षा बजट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा के प्रति आकर्षण बढ़ा है और विद्यालयों में छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है. हालांकि उन्होंने अपने क्षेत्र के कई विद्यालयों में भवन और अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कीरतपुर, कुमरौल विद्यालय, महथौर मुसहरी प्राथमिक विद्यालय, पकड़ी प्राथमिक विद्यालय, उच्च माध्यमिक विद्यालय महथौर हरिजन, ग्राम श्रीरामपुर टोला दरगाह तथा सकतपुर और लगमा के विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण की मांग रखी. उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलावों को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए आधारभूत संरचना का सुदृढ़ होना आवश्यक है.