Darbhanga News : जिले में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन से जुड़े 1,66,617 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण (लाइफ सर्टिफिकेट) अब तक अपडेट नहीं हो पाया है. सर्वर डाउन, आधार से बायोमेट्रिक अपडेट न होना, बैंक खाते से आधार लिंक की समस्या और दस्तावेजों में त्रुटि जैसी तकनीकी व प्रशासनिक अड़चनों के कारण पेंशनधारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
आधार-बैंक विवरण में गड़बड़ी बनी बड़ी वजह
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 4,84,435 लोग विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं. इनमें से 3,17,818 लाभार्थियों ने बायोमेट्रिक अपडेट सहित जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि शेष 1,66,617 मामलों का सत्यापन अब भी लंबित है. आंकड़ों के मुताबिक सदर प्रखंड में सर्वाधिक 20,925 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है. वहीं, किरतपुर प्रखंड में सबसे कम 3,588 मामलों का सत्यापन शेष है. जानकारी के अनुसार कई लाभार्थियों के आधार कार्ड में नाम और जन्म तिथि बैंक पासबुक से मेल नहीं खा रही है. कुछ मामलों में बैंक खाता संख्या में त्रुटि है या आधार से खाता लिंक नहीं है. इसके कारण पेंशन की राशि लाभार्थियों के खातों में नहीं पहुंच पा रही है. सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) का सर्वर लगातार डाउन रहने से बायोमेट्रिक अपडेट और जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया बाधित हो रही है. लाभार्थियों को बार-बार प्रखंड और जिला कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
पेंशन बंद न होने को लेकर लाभार्थियों की चिंता
मीडिया से शिकायत करते हुए दरभंगा सदर के छोटाईपट्टी निवासी मो. तमन्ने ने बताया कि उनका आधार कार्ड बायोमेट्रिक रूप से अपडेट नहीं है, जिस कारण जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है. उन्होंने आशंका जताई कि कहीं इस वजह से उनकी पेंशन राशि बंद न कर दी जाए. बहादुरपुर प्रखंड के टिकापट्टी निवासी सुशील कुमार सहित अन्य लाभार्थियों ने कहा कि सर्वर सही से काम नहीं करने के कारण कई बार प्रयास के बावजूद उनका जीवन प्रमाणीकरण अपडेट नहीं हो पाया. बिरौल प्रखंड की उर्मिला देवी, जोगिंद्र झा, नूतन देवी, रंजीत महतो और राम किशुन ने भी बताया कि सर्वर डाउन रहने से उनका लाइफ सर्टिफिकेट अपटूडेट नहीं हो सका है.
जमीनी स्तर पर सुस्ती
जिलाधिकारी (डीएम) की ओर से सभी बीडीओ को पत्र भेजकर लंबित लाभार्थियों का अविलंब जीवन प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. इसके बावजूद प्रखंड स्तर पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिख रही है, जिससे लाभार्थियों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है. यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो हजारों जरूरतमंद पेंशनधारियों की आजीविका पर संकट गहरा सकता है. अब देखना होगा कि प्रशासन तकनीकी और दस्तावेजी समस्याओं का समाधान कितनी तेजी से करता है.
सोर्स: मीडिया रिपोर्ट