Tejas accident News : भारतीय वायुसेना (IAF) को स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम में एक और झटका लगा है. भारतीय वायुसेना के तेजस बेड़े से जुड़ा एक और हादसा सामने आया है, जिसके बाद एहतियातन पूरे सिंगल-सीट ऑपरेशनल फ्लीट को अस्थायी रूप से ग्राउंड कर दिया गया है.
लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा
7 फरवरी 2026 को एक अग्रिम मोर्चे के एयरबेस पर HAL तेजस (लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) का एक सिंगल-सीट विमान ट्रेनिंग सॉर्टी से लौट रहा था. लैंडिंग के दौरान संदिग्ध ब्रेक फेलियर की वजह से विमान रनवे से बाहर निकल गया और पास की डिच में जा गिरा. पायलट ने स्थिति भांपते हुए समय रहते सुरक्षित इजेक्ट किया. अधिकारियों के अनुसार उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई. हालांकि विमान के एयरफ्रेम को गंभीर क्षति पहुंची है और उसे फिलहाल उड़ान योग्य नहीं माना जा रहा.
तीसरी बड़ी दुर्घटना
तेजस कार्यक्रम के लिए यह तीसरी बड़ी दुर्घटना है, जिसने इसकी विश्वसनीयता और तकनीकी मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अभी तक..
- मार्च 2024 – जैसलमेर के पास क्रैश.
- नवंबर 2025 – दुबई एयरशो के दौरान दुर्घटना, जिसमें पायलट की मौत हो गई.
- फरवरी 2026 – लैंडिंग के दौरान रनवे ओवरशूट की घटना.
लगातार तीन घटनाओं ने रक्षा विशेषज्ञों और रणनीतिक विश्लेषकों के बीच चिंता बढ़ा दी है, खासकर तब जब तेजस Mk-1A की डिलीवरी पहले से ही देरी का सामना कर रही है.
कितनी है एक तेजस विमान की कीमत ?
2025 में सरकार ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से 97 तेजस Mk-1A विमान खरीदने का 62,370 करोड़ रुपए का सौदा किया था. इस आधार पर प्रति विमान औसत लागत लगभग 640–650 करोड़ रुपए बैठती है. पहले के ऑर्डर में प्रति विमान लागत 550–600 करोड़ रुपए के बीच थी, लेकिन GE F404 इंजन की कीमत, विदेशी मुद्रा विनिमय दर और अन्य इनपुट लागत बढ़ने से कीमत में इजाफा हुआ है. यदि हालिया तीनों दुर्घटनाओं में क्षतिग्रस्त विमानों की औसत कीमत 640 करोड़ रुपए मानी जाए, तो कुल प्रत्यक्ष नुकसान लगभग 1,920 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है. इसमें प्रशिक्षण, रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और ऑपरेशनल व्यवधान का खर्च शामिल नहीं है.
IAF ने पूरा बेड़ा किया ग्राउंड
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हादसे के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना ने अपने लगभग 30 ऑपरेशनल सिंगल-सीट तेजस विमानों को अस्थायी रूप से ग्राउंड कर दिया है. जांच पूरी होने तक ये विमान उड़ान नहीं भरेंगे. इस तकनीकी जांच में HAL के अलावा एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) भी शामिल है. प्रारंभिक आशंका ब्रेकिंग सिस्टम या लैंडिंग गियर में संभावित तकनीकी खामी की है, हालांकि आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा.
तेजस कार्यक्रम पर क्या पड़ेगा असर
तेजस भारत का पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय फाइटर जेट है, जिसे MiG-21 जैसे पुराने विमानों की जगह शामिल किया जा रहा है. IAF अब तक 40 से अधिक तेजस विमानों को अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है और 180 Mk-1A का ऑर्डर दे चुकी है. लगातार दुर्घटनाओं से न केवल घरेलू विश्वास बल्कि निर्यात संभावनाओं पर भी असर पड़ सकता है. शेयर बाजार में भी इसका प्रभाव दिखा, जहां HAL के शेयर में खबर के बाद 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह समय तेजस कार्यक्रम के लिए तकनीकी मजबूती और गुणवत्ता नियंत्रण को और सख्त करने का है, ताकि “आत्मनिर्भर भारत” की रक्षा परियोजनाओं पर उठ रहे सवालों का ठोस जवाब दिया जा सके.
सोर्स : मीडिया रिपोर्ट