ips sunil nayak : बिहार फायर सर्विसेज के आईजी सुनील कुमार नायक को गिरफ्तार करने पहुंची आंध्र प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लग गई है. पटना सिविल कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड देने से इनकार करते हुए गिरफ्तारी की आगे की प्रक्रिया को रद्द कर दिया.
क्या है मामला?
मंगलवार को आंध्र प्रदेश पुलिस ने आईजी सुनील कुमार नायक को पटना से गिरफ्तार किया और उन्हें ट्रांजिट रिमांड के लिए अदालत में पेश किया. हालांकि, अदालत ने रिमांड देने से साफ इनकार कर दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी और रिमांड की प्रक्रिया में कई गंभीर प्रक्रियात्मक त्रुटियां (Procedural Lapses) पाई गईं.कोर्ट ने अपने फैसले को लेकर कहा कि गिरफ्तारी वारंट पेश नहीं किया गया, केस डायरी अदालत में जमा नहीं की गई, स्थानीय पुलिस को समय से पहले सूचना नहीं दी गई और गिरफ्तारी के बाद देर से सूचना दी गई. इन खामियों के आधार पर अदालत ने ट्रांजिट रिमांड खारिज कर दिया.
2021 के चर्चित मामले से जुड़ा है मामला
यह कार्रवाई 2021 के उस मामले से जुड़ी है, जिसमें तत्कालीन सांसद के. रघुराम कृष्ण राजू ने आरोप लगाया था कि उन्हें सीआईडी कस्टडी में प्रताड़ित किया गया, उनके साथ मारपीट की गई और समय पर दवाइयां नहीं दी गईं. सुनील कुमार नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. वे 2019 से 2023 तक आंध्र प्रदेश में डेपुटेशन पर रहे और वहां सीआईडी में डीआईजी के पद पर तैनात थे. 2025 में आंध्र प्रदेश में राजनीतिक बदलाव के बाद नई सरकार के गठन के पश्चात इस मामले की जांच दोबारा शुरू की गई, जिसके बाद कार्रवाई तेज हुई.
कोर्ट की जताई नाराजगी
अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया कानून सम्मत नहीं थी. ट्रांजिट रिमांड खारिज होने के बाद फिलहाल आंध्र प्रदेश पुलिस आगे की कार्रवाई नहीं कर सकेगी. स्थानीय अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि बिना वारंट और केस डायरी के गिरफ्तारी की प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां थीं.
अब आगे क्या
फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक है. अब देखना होगा कि आंध्र प्रदेश पुलिस इस मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाती है. अदालत के इस फैसले के बाद मामला नए कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है.