Bihar Teacher salary : नीतीश कुमार की सरकार (Nitish government ) ने राज्य के सरकारी शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए लगभग एक दशक बाद प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है. शिक्षा विभाग के अनुसार अप्रैल से शिक्षकों के पदोन्नति की प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दी जाएगी. यह घोषणा सुनील कुमार ने बिहार विधान परिषद में की. सदन में प्रोफेसर संजय कुमार सिंह द्वारा शिक्षकों को लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिलने का मुद्दा उठाए जाने पर शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
तबादला नीति लागू होने की संभावना
शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के तबादले के लिए नई नियमावली तैयार कर रहा है. विभागीय सूत्रों के अनुसार मार्च तक संशोधित नियमावली को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. इसके बाद राज्य कैबिनेट की मंजूरी लेकर इसे लागू किया जाएगा. नई व्यवस्था के तहत जून में बड़े पैमाने पर शिक्षकों के तबादले होने की संभावना है. नई नियमावली के अनुसार जिला स्तरीय शिक्षकों के तबादले के लिए जिलाधिकारी (डीएम) की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति गठित होगी. इसमें उप विकास आयुक्त, डीएम स्तर के एक अधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) शामिल होंगे. प्रधानाध्यापक एवं प्रमंडल स्तरीय शिक्षकों के तबादले के लिए प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति बनेगी, जिसमें क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RDDDE) सहित अन्य प्रमंडलीय अधिकारी शामिल रहेंगे. तबादले इन समितियों की अनुशंसा के आधार पर किए जाएंगे.
राज्यकर्मियों के लिए राहत
वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने जानकारी दी कि राज्य कर्मचारियों को फरवरी महीने का वेतन होली से पहले जारी कर दिया जाएगा. राज्य में लगभग सात लाख नियमित कर्मचारी हैं, जबकि करीब 5.85 लाख शिक्षक और प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं. लंबे समय से लंबित प्रमोशन को लेकर शिक्षकों और उनके संगठनों में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है. होली से पहले आई इस घोषणा को शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है. सरकार के इस फैसले से राज्य के शिक्षा तंत्र में प्रशासनिक गतिशीलता आने और शिक्षकों का मनोबल बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.