Rajya Sabha Elections : बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले एनडीए खेमे में सियासी हलचल तेज हो गई है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो NDA के सहयोगी दल लगातार दबाव की राजनीति कर रहे हैं और सीट बंटवारे को लेकर अंदरूनी खींचतान खुलकर भी सामने आ रही है.
सहयोगियों का दबाव बढ़ा
Upendra Kushwaha की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और Jitan Ram Manjhi के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) दोनों ही भाजपा को पुराने वादे याद दिला रहे हैं. वहीं, Chirag Paswan की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भी सक्रिय हो गई है. पटना में रविवार को चिराग पासवान ने लोजपा-आर के सभी 19 विधायकों के साथ बैठक कर राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की. बैठक में पांचों सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों को जिताने का संकल्प लिया गया. हालांकि पार्टी की ओर से किसी सीट पर दावेदारी नहीं की गई है.
कुशवाहा की दावेदारी और विलय की अटकलें
उपेंद्र कुशवाहा फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं और खाली हो रही पांच सीटों में एक उनकी भी है. 2024 के लोकसभा चुनाव में काराकाट से हार के बाद वे भाजपा के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे. अब दोबारा राज्यसभा जाने के लिए उन्हें भाजपा के समर्थन की जरूरत है. कुशवाहा ने हाल ही में कहा था कि एनडीए से राज्यसभा उम्मीदवारों का फैसला सभी दल मिलकर करेंगे. साथ ही उन्होंने भाजपा को विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे की याद भी दिलाई. सूत्रों के मुताबिक, सीट बंटवारे के समय उन्हें एक एमएलसी और एक राज्यसभा सीट का आश्वासन दिया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी चर्चा है कि भाजपा ने कुशवाहा को पार्टी में विलय का प्रस्ताव दिया है. कहा जा रहा है कि यदि रालोमो का भाजपा में विलय होता है तो उनकी राज्यसभा में वापसी तय मानी जा रही है. हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
मांझी ने भी याद दिलाया वादा
हम सुप्रीमो जीतनराम मांझी ने भी राज्यसभा सीट को लेकर भाजपा नेतृत्व को पुराना वादा याद दिलाया है. उन्होंने गया में मीडिया से कहा कि 2024 के आम चुनाव से पहले दो लोकसभा और एक राज्यसभा सीट का आश्वासन मिला था, लेकिन पार्टी को केवल एक लोकसभा सीट दी गई. मांझी ने कहा कि वे दबाव की राजनीति नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम को कम से कम एक राज्यसभा सीट मिलनी चाहिए.
संख्या बल और पांचवीं सीट पर नजर
बिहार विधानसभा की 243 सदस्यीय सदन में एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं. इनमें भाजपा के 89, जदयू के 85, लोजपा-आर के 19, हम के 5 और रालोमो के 4 विधायक शामिल हैं. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है. मौजूदा संख्या बल के आधार पर एनडीए की चार सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है, जिनमें दो जदयू और दो भाजपा कोटे की बताई जा रही हैं. हालांकि, पांचवीं सीट के लिए गठबंधन को तीन अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना होगा.
पांचवीं सीट के लिए गठबंधन को सहयोग की जरूरत
इसके बावजूद एनडीए नेता पांचों सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं. दूसरी ओर, विपक्ष की ओर से आरजेडी ने भी उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है. ऐसे में पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने और क्रॉस वोटिंग की संभावना जताई जा रही है. राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है. पर्चा दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है, जबकि मतदान 16 मार्च को होगा.