Pre holi skin care routine : यूं गायब हो जाएंगे होली के रंग…स्किन केयर के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक नुस्खा

Holi skin care tips : होली रंगों और खुशियों का पर्व है, लेकिन यदि सावधानी न बरती जाए तो यह त्वचा के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है. बाजार में मिलने वाले कई रंगों में मौजूद केमिकल त्वचा की प्राकृतिक नमी छीन लेते हैं, जिससे स्किन रूखी हो जाती है, छिलने लगती है या एलर्जी की समस्या बढ़ सकती है. खासतौर पर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को लाल चकत्ते, जलन और रिएक्शन का खतरा अधिक रहता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार त्वचा को आयुर्वेद में त्वक कहा गया है, जो केवल शरीर का बाहरी आवरण नहीं बल्कि स्वास्थ्य का दर्पण भी है. होली खेलने के बाद त्वचा को स्नेहन (मॉइस्चराइजिंग) और शोधन (क्लीनिंग) की विशेष आवश्यकता होती है. इसके लिए घर पर अपनाए जा सकने वाले कई पारंपरिक उपाय कारगर माने गए हैं.

साबुन के इस्तेमाल से बचने की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि होली का रंग छुड़ाने के लिए चेहरे पर तुरंत साबुन या फेसवॉश का उपयोग नहीं करना चाहिए. इन उत्पादों में पहले से मौजूद केमिकल रंगों के साथ प्रतिक्रिया कर त्वचा को और नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके बजाय साधारण पानी से चेहरा धोकर मक्के के आटे या दरदरे चावल के आटे से हल्के हाथों से मसाज करने की सलाह दी जाती है. यह त्वचा से गंदगी हटाने में मदद करता है.

मुल्तानी मिट्टी और दही का लेप फायदेमंद

रंग छुड़ाने के बाद त्वचा पर जलन या खुजली की समस्या हो सकती है. ऐसे में मुल्तानी मिट्टी और दही का मिश्रण लगाना लाभकारी माना गया है. यह लेप त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और रंगत निखारने में भी सहायक हो सकता है. इसके बाद ताजा एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा को अतिरिक्त नमी और आराम मिलता है.

आंतरिक देखभाल भी जरूरी

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि त्वचा की देखभाल केवल बाहरी उपायों तक सीमित नहीं है. होली के दिन अत्यधिक तला-भुना भोजन करने से बचना चाहिए. रात में हल्का गुनगुना दूध पीने से शरीर को आराम मिलता है और त्वचा को भीतर से पोषण मिलता है. डॉक्टरों का कहना है कि होली खेलते समय पहले से ही त्वचा पर नारियल या सरसों का तेल लगाकर सुरक्षा परत बनाई जा सकती है. साथ ही, प्राकृतिक और हर्बल रंगों का ही उपयोग करना बेहतर विकल्प है.

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