Bihar politics : बिहार की राजनीति में इन दिनों यह चर्चा तेज है कि क्या भोजपुरी स्टार पवन सिंह (Pawan Singh) राज्यसभा पहुंचने वाले हैं. उनके राज्यसभा जाने को लेकर कयासों का बाजार गर्म है. इसी बीच भोजपुरी कलाकार गुंजन सिंह का एक बयान सामने आया है, जिसने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है.
पवन सिंह के राज्यसभा जाने की अटकलें तेज
गुंजन सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि करीब-करीब तय है कि पवन सिंह राज्यसभा जाएंगे. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि आधिकारिक नोटिफिकेशन आने तक कुछ भी अंतिम रूप से कहना ठीक नहीं होगा. उनके बयान को राजनीतिक गलियारों में अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
बिहार में राज्यसभा चुनाव का गणित
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव प्रस्तावित हैं. राजनीतिक समीकरणों के अनुसार दो सीटें भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) और दो सीटें जनता दल (यूनाइटेड) के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है. एक सीट को लेकर पेच फंसा हुआ है, जहां महागठबंधन को आवश्यक संख्या बल जुटाने की चुनौती है. इसी परिप्रेक्ष्य में यह चर्चा तेज हुई है कि क्या बीजेपी अपने कोटे से पवन सिंह को राज्यसभा भेज सकती है.
बीजेपी से रिश्तों में उतार-चढ़ाव
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पवन सिंह को आसनसोल से टिकट दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा. इसके बाद उनके और पार्टी के रिश्तों में खटास की चर्चा रही. हालांकि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह ने एक बार फिर बीजेपी और एनडीए के पक्ष में जोरदार प्रचार किया, खासकर शाहाबाद क्षेत्र में. माना जा रहा है कि उनके प्रचार का असर चुनावी नतीजों पर पड़ा.
क्या हुई कोई राजनीतिक डील?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवन सिंह की सक्रियता और पार्टी के प्रति नरम रुख के पीछे कोई राजनीतिक समझौता हो सकता है. सवाल उठ रहा है कि क्या राज्यसभा सीट उसी संभावित समझौते का हिस्सा है? फिलहाल पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. सभी की नजरें राज्यसभा चुनाव के नोटिफिकेशन और उम्मीदवारों की सूची पर टिकी हैं.
समर्थकों में उत्सुकता
पवन सिंह के समर्थक लंबे समय से उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका में देखने की इच्छा जता रहे हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी जातीय और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला करती है. जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक यह मामला अटकलों के दायरे में ही रहेगा.