Rajya Sabha election Bihar : बिहार में सोमवार को राज्यसभा की 5 सीटों के लिए हुए चुनाव में एनडीए के सभी उम्मीदवारों की जीत हुई है. हालांकि नतीजों में साफ साफ दिख रहा था कि महागठबंधन के खाते में एक सीट जा सकती थी, लेकिन कांग्रेस के तीन और आरजेडी के 1 विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. जिसका परिणाम हुआ कि 5वीं सीट भी एनडीए ने जीत ली. अब बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए इस सियासी खेल के बाद हलचल तेज हो गई है. महागठबंधन के कुछ विधायकों के मतदान के समय अनुपस्थित रहने को लेकर विपक्ष ने सत्तापक्ष पर आरोप लगाया है.
तेजस्वी यादव ने क्या कहा
राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी संख्या कम होने के बावजूद भाजपा से लगातार लड़ती रहेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है. तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी विधायकों को डराने, दबाव बनाने और प्रलोभन देने जैसी राजनीति का अंत एक दिन जरूर होगा. उन्होंने कहा कि जैसे रावण शक्तिशाली होने के बावजूद अंतत पराजित हुआ, वैसे ही राजनीतिक अन्याय का भी अंत होगा. मतदान के दौरान कुछ विधायकों के गायब रहने के सवाल पर उन्होंने संकेत दिया कि एजेंसियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं और पूरी स्थिति पर पार्टी नजर बनाए हुए है.
कांग्रेस का बड़ा आरोप
इधर कांग्रेस ने भी अपने तीन विधायकों के संपर्क से बाहर होने का मुद्दा उठाया है. प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने दावा किया कि उनके विधायकों का फोन 13 मार्च से बंद या अनरीचेबल है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधायकों को प्रलोभन, दबाव और प्रशासनिक ताकत के जरिए अपने पक्ष में करने की कोशिश की है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कुछ विधायकों के घरों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे और उन पर निगरानी रखी जा रही थी. पार्टी ने इसे हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति बताया.
बिहार की राजनीति में बढ़ी तनातनी
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि अनुपस्थित रहने वाले विधायकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. पार्टी का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई तय नियमों और वरिष्ठ नेताओं की सलाह के अनुसार की जाएगी. राज्यसभा चुनाव के बाद बिहार की राजनीति में बढ़ी यह तनातनी आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं.