BCCI News : बीते कुछ सालों की अगर बात करें तो टेस्ट में भारतीय क्रिकेट टीम का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है. जिसके बाद भारतीय टीम इस समय एक बड़े बदलाव को महसूस कर रही है. दिग्गज खिलाड़ी Virat Kohli, Rohit Sharma और Ravichandran Ashwin के रिटायरमेंट के बाद भारतीय क्रिकेट टीम इस समय एक बड़े बदलाव से गुजर रही है. खासकर टेस्ट क्रिकेट में बोर्ड नए प्रयोग करने जा रहा है ताकी नए खिलाड़ियों को भी मौका मिल सके. मिली जानकारी के अनुसार टीम के पुनर्निर्माण के लिए बीसीसीआई ने रेड-बॉल क्रिकेट में एक दीर्घकालिक और व्यवस्थित रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से तैयार हो रही नई योजना
बेंगलुरु स्थित BCCI Centre of Excellence (COE) इस नई रणनीति का नेतृत्व कर रहा है। नई रणनीति के तहत बोर्ड अब न केवल मैच के नतीजों पर, बल्कि खिलाड़ियों की तकनीक, मानसिक मजबूती और लंबी अवधि की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस नई योजना में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi की हो रही है, जिन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। उनके अलावा Ayush Mhatre और Sameer Rizvi जैसे उभरते खिलाड़ी भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं।
चार-दिवसीय टूर्नामेंट से होगी असली परीक्षा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई जून-जुलाई में चार टीमों के बीच एक विशेष चार-दिवसीय टूर्नामेंट आयोजित करेगा। इसमें कुल 64 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिनकी उम्र 25 साल से कम होगी। इन मैचों को अलग-अलग पिचों पर खेला जाएगा, ताकि खिलाड़ियों की तकनीक, धैर्य और परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता का आकलन किया जा सके। इस टूर्नामेंट के लिए खिलाड़ियों का चयन तीन अलग-अलग स्रोतों से किया जाएगा. जिसमें 25 खिलाड़ी जूनियर स्तर (कूच बिहार ट्रॉफी, सीके नायडू ट्रॉफी) से, 25 खिलाड़ी रणजी और अन्य घरेलू क्रिकेट से और बाकी खिलाड़ी Indian Premier League (आईपीएल) में प्रदर्शन करने वाले उभरते सितारों में से किया जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में चीफ सेलेक्टर Ajit Agarkar और टीम के हेड कोच Gautam Gambhir की अहम भूमिका होगी। इससे साफ है कि यह योजना केवल अल्पकालिक नहीं बल्कि आने वाले 10 वर्षों के लिए टेस्ट टीम की मजबूत नींव रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विदेशी दौरों से मिलेगा अनुभव
खबर ये भी है कि आईपीएल के इस सीजन के बाद भारत की अंडर-19 और इमर्जिंग टीम श्रीलंका दौरे पर जाएगी जहां चार-दिवसीय मैच खेले जाएंगे। इससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा। ज्ञात हो कि पिछले डेढ़ साल में भारत की टेस्ट क्रिकेट में पकड़ कमजोर हुई है। घरेलू मैदान पर 12 साल तक अजेय रहने के बाद टीम को New Zealand national cricket team और South Africa national cricket team के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है। बीसीसीआई का यह नया प्लान भारतीय टेस्ट टीम के लिए एक मजबूत और स्थायी ढांचा तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि यह रणनीति सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में भारतीय टेस्ट टीम एक नई पहचान और संतुलन के साथ मैदान पर उतर सकती है।