BPSC News : बिहार सरकार ने राज्य के सबसे बड़े परिक्षा की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. जानकारी के अनुसार प्रशासनिक सुधारों को और मजबूत करने की दिशा में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने एक अहम कदम उठाते हुअ बीपीएससी के इंटरव्यू पैनल में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों को शामिल किया है. नए बदलाव को लेकर BPSC का कहना है कि इसका उद्देश्य राज्य की भर्ती प्रक्रिया को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के मानकों के अनुरूप बनाना है.
कब से लागू होगी नई व्यवस्था
यह नई व्यवस्था 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) के इंटरव्यू चरण से लागू हो चुकी है, जिसकी शुरुआत जनवरी में हुई थी और यह इस महीने समाप्त होगी. वहीं 71वीं सीसीई मेंस परीक्षा इसी महीने के अंत में आयोजित की जाएगी, जबकि 72वीं सीसीई प्रारंभिक परीक्षा जुलाई में प्रस्तावित है. अब तक बीपीएससी के इंटरव्यू पैनल में आयोग के सदस्य और विषय विशेषज्ञ शामिल होते थे. लेकिन नए बदलाव के तहत पैनल में कार्यरत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी जोड़ा गया है. बीपीएससी के एक अधिकारी के अनुसार इस कदम से उम्मीदवारों की जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता और संकट प्रबंधन के गुणों का बेहतर आकलन किया जा सकेगा. साथ ही, इससे भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता भी बढ़ेगी और स्थानीय प्रभाव की संभावना कम होगी. उन्होंने बताया कि अब इंटरव्यू पैनल में शिक्षाविदों के साथ-साथ सक्रिय वरिष्ठ नौकरशाहों का संतुलित मिश्रण होगा. इससे ऐसे उम्मीदवारों का चयन संभव होगा जिनमें डिजिटल समझ, संवेदनशील नेतृत्व और प्रशासनिक दक्षता जैसे आधुनिक कौशल मौजूद हों.
केवल क्वालिफाइंग होते हैं वैकल्पिक विषय
यह बदलाव 2023 से 2026 के बीच किए गए व्यापक सुधारों का हिस्सा है. बीपीएससी ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनमें एकीकृत प्रारंभिक परीक्षा (Integrated Prelims), नकारात्मक अंकन (Negative Marking) और मेंस में 300 अंकों का निबंध पत्र शामिल है. इसके अलावा, वैकल्पिक विषय (Optional Subject) को अब केवल क्वालिफाइंग बना दिया गया है और इसके अंक मेरिट सूची में नहीं जोड़े जाते, जिससे पहले की स्केलिंग से जुड़ी समस्याओं को दूर किया गया है.
नई प्रणाली के तहत परीक्षा अब एक सख्त वार्षिक कैलेंडर के अनुसार आयोजित की जा रही है, जो यूपीएससी की तर्ज पर है. परीक्षा का फोकस अब रटने की बजाय विश्लेषणात्मक क्षमता, नैतिकता और प्रशासनिक समझ पर है. परीक्षा संरचना के अनुसार 150 अंकों की प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को 900 अंकों की मुख्य परीक्षा देनी होती है, जिसमें सामान्य अध्ययन-I, सामान्य अध्ययन-II और निबंध तीनों 300-300 अंकों के होते हैं. इसके बाद 120 अंकों का इंटरव्यू होता है. वहीं, 100 अंकों का वैकल्पिक विषय केवल क्वालिफाइंग है.