Women reservation bill : पटना स्थित बीजेपी कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला. इस मौके पर जेडीयू की लेसी सिंह, स्नेहलता कुशवाहा और बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दर्शना सिंह, विधायक ज्योति मांझी सहित कई महिला नेता मंच पर मौजूद रहीं.
बिहार विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी कम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिला आरक्षण के साथ अपमान और धोखा हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दल इस मुद्दे पर गंभीर न होकर खुशी मनाते नजर आए. उन्होंने आरजेडी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी पहले से ही महिला विरोधी रही है.उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहता. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की बहन सांसद बन सकती हैं, लेकिन आम महिलाओं को लोकसभा में जगह मिले, यह कांग्रेस नहीं चाहती.
सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा में महिलाओं की कम भागीदारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान में सिर्फ 29 महिला विधायक हैं, जबकि आरक्षण बिल लागू होने पर यह संख्या 122 तक पहुंच सकती थी. उन्होंने पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में 50 प्रतिशत आरक्षण के बावजूद लगभग 59 प्रतिशत महिलाएं जीतकर आती हैं.उन्होंने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि उसने अपने शासनकाल में कभी महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया और अब जब ऐसा अवसर आया, तो वह इसका विरोध कर रही है.
महिलाओं के हितों को प्राथमिकता नहीं देती है विपक्ष : सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी ने कहा कि दलित और आदिवासी वर्गों के मुद्दों पर भी कांग्रेस का रुख हमेशा नकारात्मक रहा है. वहीं, बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दर्शना सिंह ने कहा कि देश की आधी आबादी इस बिल का इंतजार कर रही थी और उन्हें उम्मीद थी कि सभी दल इसका समर्थन करेंगे.सम्राट चौधरी ने कहा कि विपक्ष ने इसका विरोध कर यह साबित कर दिया कि वे महिलाओं के हितों को प्राथमिकता नहीं देते. महिला आरक्षण को लेकर सियासी बयानबाजी के बीच यह मुद्दा आगामी चुनावी माहौल में और गरमाने की संभावना है.