Bihar news : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य में करीब 22 लाख लोगों की पहचान की जांच की जाएगी. यह कार्रवाई विशेष अभियान के तहत घुसपैठियों की पहचान के लिए की जा रही है. उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए थे, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है.
विकास के एजेंडे पर राजनीति के शिखर पर
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुशासन की एक बड़ी लकीर खींची है और अब उस पर आगे बढ़ते हुए कुछ असाधारण करना उनकी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने दिखाया है कि विकास के एजेंडे पर चलकर राजनीति के शिखर तक पहुंचा जा सकता है.
22 लाख लोगों की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन लोगों के नाम SIR प्रक्रिया में हटाए गए हैं, उनकी पहचान की जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि हम जल्द ही घुसपैठियों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों की पहचान संदिग्ध है, उनके आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक पासबुक रद्द किए जा रहे हैं. हालांकि मुख्यमंत्री ने किसी विशेष क्षेत्र का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि यह अभियान मुख्य रूप से सीमावर्ती इलाकों में चलाया जाएगा.
निवेश और विकास पर जोर
इस दौरान सम्राट चौधरी ने ये भी कहा कि राज्य सरकार ने नवंबर 2026 तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि जब तक बड़े उद्योग बिहार में नहीं आएंगे, तब तक राजस्व में बड़ा इजाफा संभव नहीं है. विपक्ष के वित्तीय संकट के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार मजबूत आर्थिक दिशा में काम कर रही है. इस दौरान शराबबंदी पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार दोनों इसका समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि अवैध शराब और जहरीली शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
प्रशासनिक सुधार और निगरानी पर सरकार का ध्यान
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) सीधे थानों, प्रखंडों और सर्किल स्तर पर शिकायतों की निगरानी करेगा. उन्होंने कहा कि अगर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक प्रभावी होंगे तो शिकायतें कम होंगी. शिक्षा और शहरी विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार राज्य में अधिक कॉलेज और विश्वविद्यालय खोलने की योजना बना रही है. इसके अलावा निजी मेडिकल कॉलेजों में 25% सीटें सरकारी दरों पर उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में बिहार के 15 शहरों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा.