vijay politics in tamil nadu : पांच राज्यों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद देश की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है. सबसे ज्यादा चर्चा तमिलनाडु के नतीजों और चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर को लेकर हो रही है. तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया है. शुरुआती रुझानों और परिणामों के मुताबिक पार्टी 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाते हुए सरकार बनाने की स्थिति में नजर आ रही है. यह नतीजा राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी चौंकाने वाला रहा.
क्यों चर्चा में हैं प्रशांत किशोर
हालांकि प्रशांत किशोर अब सक्रिय रूप से चुनावी रणनीतिकार की भूमिका से दूरी बना चुके हैं, लेकिन तमिलनाडु को लेकर उनका पुराना बयान अब वायरल हो रहा है. उन्होंने पहले ही संकेत दिया था कि यदि राजनीतिक परिस्थितियां वैसी ही रहीं, तो विजय की पार्टी सत्ता तक पहुंच सकती है और यही भविष्यवाणी अब सच होती दिख रही है. उनका एक बयान, जिसमें उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता का जिक्र करते हुए खुद को तमिलनाडु में सबसे लोकप्रिय बिहारी बनने की बात कही थी, सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है.
किंगमेकर की छवि फिर मजबूत
प्रशांत किशोर पहले भी कई चुनावों में अपनी रणनीति के कारण सुर्खियों में रहे हैं. पहली बार 2014 में नरेंद्र मोदी के चुनाव अभियान में भूमिका फिर 2015 बिहार महागठबंधन की जीत और फिर 2021 में ममता बनर्जी की वापसी जैसे कई उदाहरणों के चलते उन्हें किंगमेकर की छवि मिली थी, जो अब एक बार फिर चर्चा में है.
बिहार में अलग तस्वीर
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर प्रशांत किशोर राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली रणनीतिकार माने जाते हैं, वहीं उनकी अपनी राजनीतिक पहल जन सुराज को अभी तक बड़ी चुनावी सफलता नहीं मिली है. लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका फिर से मजबूत हो सकती है. दूसरे राजनीतिक दल उनकी रणनीतिक सलाह को नजरअंदाज नहीं करेंगे और गठबंधन राजनीति में उनकी अहमियत बढ़ सकती है.तमिलनाडु के नतीजों के बाद यह माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर का प्रभाव दक्षिण भारतीय राजनीति में बढ़ सकता है. खासतौर पर तब जब एक नई पार्टी ने पारंपरिक दलों जैसे DMK और AIADMK को चुनौती दी है.