बिहार से बंगाल तक बीजेपी-एनडीए का शक्ति प्रदर्शन…पटना में भव्य शपथ ग्रहण की तैयारी

Bihar politics : भारतीय राजनीति में इस समय भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का उत्साह चरम पर है. पश्चिम बंगाल में बड़ी जीत के बाद पार्टी अब बिहार से शक्ति प्रदर्शन की शुरुआत करने जा रही है. बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 7 मई को एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. यह कार्यक्रम बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ा है. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है, जिससे इसे राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक संदेश देने वाला आयोजन माना जा रहा है.

पहले सादगी अब भव्यता

सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उस समय उनके साथ जेडीयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने भी शपथ ली थी. वह कार्यक्रम अपेक्षाकृत सादा और लो-प्रोफाइल रहा, क्योंकि उस समय पश्चिम बंगाल में चुनाव जारी थे.

मंत्रिमंडल विस्तार में क्या होगा खास?

बिहार विधानसभा में कुल 243 सदस्य हैं, जिनमें अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं. पहले ही 3 मंत्री शपथ ले चुके हैं, अब लगभग 30 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है. इसमें भाजपा और जदयू के साथ सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा जिसमें मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से 2 मंत्री, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से 1 मंत्री और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से 1 मंत्री बनाए जा सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, इस बार मंत्रालयों के बंटवारे में भी बदलाव हो सकता है. करीब दो दशकों से चली आ रही बीजेपी-जेडीयू के बीच विभागीय व्यवस्था में फेरबदल की चर्चा है. उदाहरण के तौर पर, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बड़े विभागों की अदला-बदली संभव मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि इस मंत्रिमंडल में लगभग 30% नए और युवा चेहरों को शामिल किया जा सकता है. यह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की युवा टीम बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

बंगाल में राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन

पटना के आयोजन के ठीक दो दिन बाद, यानी 9 मई को पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा. यह राज्य में पार्टी के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा, क्योंकि पहली बार वहां सरकार बनाने का मौका मिला है. विश्लेषकों के मुताबिक बिहार में भव्य आयोजन कर बीजेपी पहले एनडीए की एकजुटता दिखाना चाहती है इसके बाद बंगाल में जीत का जश्न और सत्ता ग्रहण से भाजपा पूरे देश में राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन करेगी.

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