Bihar cabinet expansion live : बिहार की राजनीति में आज बड़ा दिन है. सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के 22 दिन बाद आखिरकार मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है. राजधानी पटना के गांधी मैदान में दोपहर 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. राजनीतिक गलियारों में इस कैबिनेट विस्तार को लेकर काफी हलचल है, क्योंकि बीजेपी और जेडीयू के बीच बराबरी का फॉर्मूला तय होने की चर्चा है. माना जा रहा है कि दोनों दलों से बराबर-बराबर मंत्रियों को जगह दी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का संतुलन देखने को मिलेगा. बीजेपी और जेडीयू दोनों ही दल सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की रणनीति के तहत अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी मौका देने जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार, करीब 31 नए मंत्री शपथ ले सकते हैं.
निशांत कुमार पर टिकी राजनीतिक नजरें
इस शपथ ग्रहण समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को माना जा रहा है. राजनीतिक चर्चाओं के बीच यह दावा किया जा रहा है कि सम्राट कैबिनेट में उनकी एंट्री तय हो सकती है. बताया जा रहा है कि जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मंत्री पद स्वीकार करने के लिए राजी कर लिया है. यदि ऐसा होता है तो यह बिहार की राजनीति में बड़ा संकेत माना जाएगा.
मंत्री बनने वाले नेताओं को आने लगे फोन
कैबिनेट विस्तार से पहले संभावित मंत्रियों को फोन आने शुरू हो गए हैं. बीजेपी कोटे से जिन नेताओं को शपथ ग्रहण के लिए कॉल आने की चर्चा है, उनमें नीतीश मिश्रा, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी, लखेंद्र पासवान, संजय सिंह टाइगर और मिथिलेश तिवारी के नाम शामिल हैं. बताया जा रहा है कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इन नेताओं को शपथ ग्रहण के लिए तैयार रहने का संदेश दिया गया है. जेडीयू की ओर से जिन नेताओं को मंत्री पद की शपथ के लिए फोन आने की बात सामने आ रही है, उनमें लेसी सिंह, मदन सहनी, भगवान सिंह कुशवाहा, श्वेता गुप्ता और सुनील कुमार शामिल हैं. पार्टी नए और पुराने चेहरों के संतुलन पर जोर दे रही है. जेडीयू से नए चेहरे के तौर पर श्वेता गुप्ता का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. वहीं, दामोदर रावत को भी शपथ ग्रहण के लिए कॉल मिलने की जानकारी सामने आई है.
सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ सत्ता संतुलन का मामला नहीं है, बल्कि आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक समीकरण साधने की बड़ी कवायद भी है. बीजेपी और जेडीयू दोनों दल अलग-अलग जातीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.
गांधी मैदान में तैयारियां पूरी
पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं. प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं. समारोह में एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है. बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.