3 मौतें 140 से ज्यादा लोग अभी भी फंसे..कैसे वापिस आएंगे भारतीय? जानिए हंटा वायरस को लेकर क्या है लेटेस्ट अपडेट

Hantavirus : अटलांटिक महासागर के बीचों-बीच एक लग्जरी क्रूज शिप पर फैले खतरनाक हंटा वायरस ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. 140 से ज्यादा यात्री और क्रू मेंबर्स कई दिनों से समुद्र में फंसे हुए हैं. तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य बीमार बताए जा रहे हैं. हालात इतने गंभीर हो गए कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को भी इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी.

क्या है पूरा मामला?

एमवी होंडियस नाम का यह एक्सपेडिशन क्रूज शिप 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआया पोर्ट से रवाना हुआ था. यह यात्रा अटलांटिक ओडिसी नाम से आयोजित की गई थी, जिसे डच कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशंस संचालित करती है. लगभग छह हफ्तों की इस लग्जरी यात्रा के टिकट की कीमत करीब 25 लाख रुपये तक थी. शिप पर कुल 149 लोग मौजूद थे, जिनमें 114 यात्री और बाकी क्रू मेंबर्स शामिल थे. यात्री 23 अलग-अलग देशों से आए थे, जिनमें भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं. दो भारतीय यात्री भी इस जहाज पर मौजूद बताए गए हैं.

यात्रा के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था. यात्री बर्ड वॉचिंग, लेक्चर, एक्सरसाइज और समुद्री जीवों को देखने का आनंद ले रहे थे. लेकिन 6 अप्रैल को एक 70 वर्षीय डच यात्री को तेज बुखार, सिरदर्द और डायरिया की शिकायत हुई. हालत बिगड़ने के बाद 11 अप्रैल को उसकी मौत हो गई. शुरुआत में यात्रियों को बताया गया कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है और संक्रमण का कोई खतरा नहीं है. लेकिन जल्द ही कई अन्य लोगों में भी निमोनिया और तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने लगे.

एक के बाद एक मौतें

24 अप्रैल को जहाज सेंट हेलेना द्वीप पहुंचा, जहां कुछ यात्री उतर गए. इसी दौरान मृत यात्री का शव भी उतारा गया. लेकिन बाद में उसकी पत्नी की भी दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में मौत हो गई. इसके बाद स्थिति और खराब हो गई. 27 अप्रैल को एक और यात्री गंभीर रूप से बीमार पड़ा, जिसे एयर एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया. फिर एक जर्मन महिला की भी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि उसका शव अभी भी जहाज पर रखा गया है.

कैसे फैला हंटा वायरस?

जांच में पता चला कि बीमार ब्रिटिश यात्री हंटा वायरस पॉजिटिव था. बाद में मृत डच महिला की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई. WHO के अनुसार, संक्रमण की शुरुआत संभवतः उसी डच दंपत्ति से हुई, जो क्रूज पर चढ़ने से पहले चिली, उरुग्वे और अर्जेंटीना में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे. विशेषज्ञों का मानना है कि वे वहां संक्रमित चूहों के संपर्क में आए होंगे.

क्या है हंटा वायरस?

हंटा वायरस आमतौर पर चूहों के जरिए फैलता है. संक्रमित चूहों की लार, मल या पेशाब से दूषित धूल सांस के जरिए इंसानों तक पहुंच सकती है. यह संक्रमण गंभीर फेफड़ों की बीमारी और निमोनिया जैसी स्थिति पैदा कर सकता है. कुछ मामलों में, खासकर अर्जेंटीना में पाए जाने वाले एंडीज स्ट्रेन में, यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है. हालांकि WHO और स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि यह कोविड-19 की तरह तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं है.

जहाज पर इमरजेंसी लागू

स्थिति गंभीर होने के बाद क्रूज कंपनी ने इमरजेंसी लेवल-3 लागू कर दिया. सभी यात्रियों को उनके केबिन में अलग रहने के निर्देश दिए गए हैं. मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है और लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है. कंपनी यात्रियों को लगातार पत्र भेजकर मास्क न हटाने और दूरी बनाए रखने की सलाह दे रही है. संक्रमण के खतरे को देखते हुए कई देशों ने जहाज को अपने पोर्ट पर रुकने की अनुमति देने से इनकार कर दिया. फिलहाल योजना है कि जहाज को स्पेन के कैनरी आइलैंड्स के टेनेरिफ स्थित ग्रानाडिला पोर्ट ले जाया जाए. स्पेन सरकार के अनुसार बीमार यात्रियों को मैड्रिड के मिलिट्री बेस में क्वारंटीन किया जाएगा. स्वस्थ यात्रियों को जांच के बाद उनके घर भेजा जाएगा.

WHO ने क्या कहा?

WHO प्रमुख Tedros Adhanom Ghebreyesus ने 7 मई की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मामला गंभीर जरूर है, लेकिन आम जनता के लिए खतरा फिलहाल कम है क्योंकि यह वायरस आसानी से इंसान से इंसान में नहीं फैलता.अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि यह जहाज आखिर कब सुरक्षित रूप से किनारे पहुंचेगा और इसमें फंसे लोग कब अपने घर लौट पाएंगे.

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