गैर-मजरुआ या सरकारी जमीन पर बसे लोगों के लिए राहत की खबर…सरकार के इस फैसले से 50 लाख गरीबों को फायदा

bihar land survey : क्या आपका भी घर सरकारी जमीन पर है…? तो ये खबर आपके लिए हैं. बिहार सरकार एक बड़ा फैसला लेने जा रही है. सरकार राज्य भर में सरकारी जमीन पर है रह रहे लोगों को चिह्नित कर उसका मालिकाना हक देने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सरकार सरकारी जमीन पर लंबे समय से रह रहे गरीब परिवारों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है।

क्या है मामला

राजस्व विभाग की ओर से कहा गया है कि ऐसे लोगों को, जो वर्षों से सरकारी जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं और जिनके पास कहीं दूसरी जमीन नहीं है, उन्हें सरकार मालिकाना हक देने पर विचार कर रही है। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य में लाखों गरीब परिवार ऐसे हैं जो गैर-मजरुआ या सरकारी जमीन पर बसे हुए हैं। इन लोगों को अक्सर जमीन के कागजात, रसीद और अतिक्रमण के मामलों में सीओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सरकार अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की तैयारी में है।

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

मीडिया से बात करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो लंबे समय से सरकारी जमीन पर रह रहे हैं, जिनके पास दूसरी जमीन नहीं है, जिनका घर किसी सड़क, नाले या सरकारी परियोजना में बाधा नहीं बन रहा है और जहां भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की योजना नहीं है मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि जिला अधिकारियों को जल्द ही निर्देश जारी किए जाएंगे कि वे ऐसे लोगों की पहचान करें और रिपोर्ट सरकार को सौंपें। इसके बाद पात्र परिवारों को जमीन का मालिकाना हक दिया जा सकता है।

40 से 50 लाख लोगों को मिल सकती है राहत

सरकार का दावा है कि इस फैसले से राज्य के करीब 40 से 50 लाख गरीब लोगों को फायदा हो सकता है। मंत्री ने कहा कि मालिकाना हक मिलने के बाद लोग बैंक से लोन ले सकेंगे, जमीन बेच सकेंगे, कानूनी रूप से अपने घर का दस्तावेज रख सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे.

सरकार का क्या है उद्देश्य?

राजस्व विभाग का कहना है कि गरीब परिवारों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाने और भूमि विवाद कम करने के लिए यह फैसला लिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि जिन लोगों ने वर्षों से सरकारी जमीन पर घर बना लिया है और जो वास्तव में जरूरतमंद हैं, उन्हें कानूनी अधिकार दिया जाए। हालांकि, इस योजना को लागू करने की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। सरकार की ओर से कहा गया है कि डीएम स्तर पर सर्वे और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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