मुकेश कुमार और आकाशदीप बने DSP..ईशान किशन को एक करोड़..क्या है बिहार सरकार की मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना?

Medal Lao Naukri Pao scheme : बिहार सरकार ने भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों मुकेश कुमार और आकाश दीप को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद पर नियुक्ति देने का फैसला किया है. दोनों खिलाड़ी साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर भारतीय क्रिकेट तक पहुंचे हैं और अपने संघर्ष के लिए जाने जाते हैं. DSP पद मिलने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने खुशी जताई. बता दें कि मुकेश कुमार और आकाशदीप उस भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे जिसने 2023 के एशियाई खेल 2022 में स्वर्ण पदक जीता था. इसी उपलब्धि के आधार पर उन्हें बिहार सरकार की मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना के तहत सरकारी नौकरी की पेशकश की गई.

ईशान किशन को भी मिला था प्रस्ताव, बदले में मिला एक करोड़ का सम्मान

इससे पहले भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन को भी बिहार सरकार की ओर से DSP पद का प्रस्ताव दिए जाने की बात सामने आई थी. हालांकि उन्होंने कथित तौर पर इस प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक स्वीकार नहीं किया. इसके बाद बिहार सरकार की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों उन्हें एक करोड़ रुपये का चेक सम्मान स्वरूप दिया गया. ईशान किशन को मिली यह राशि और क्रिकेटरों को मिल रहे सरकारी सम्मान को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या खेलों में क्रिकेट को अन्य खेलों की तुलना में ज्यादा प्राथमिकता मिल रही है.

क्या है मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना?

तत्कालिन नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने वर्ष 2023 में मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना की शुरुआत की थी. इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले बिहार के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देकर प्रोत्साहित करना है. योजना के तहत खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन और उपलब्धि के स्तर के आधार पर अलग-अलग श्रेणी की सरकारी नौकरियां देने का प्रावधान है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब तक लगभग 525 खिलाड़ियों को इस योजना के माध्यम से नौकरी दी जा चुकी है.

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क्रिकेट को लेकर उठ रहे सवाल

हालांकि योजना को खिलाड़ियों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन क्रिकेट खिलाड़ियों को मिलने वाले विशेष सम्मान को लेकर चर्चा भी शुरू हो गई है. अब तक DSP जैसे उच्च पद पर नियुक्ति पाने वाले प्रमुख खिलाड़ी क्रिकेट से जुड़े रहे हैं. जिसको लेकर खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ओलंपिक, एशियाई खेलों और अन्य खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी समान स्तर पर अवसर और पहचान मिलनी चाहिए, ताकि क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के खिलाड़ी भी प्रोत्साहित हों.

नियमों में संशोधन का प्रस्ताव, बढ़ेगा खिलाड़ियों का दायरा

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो साल 2003 में शुरु हुई इस योजना के नियमों में बिहार सरकार ने संशोधन का प्रस्ताव भी तैयार किया है. प्रस्ताव पारित होने के बाद कई श्रेणियों के खिलाड़ियों को सीधे उच्च वेतन स्तर वाली नौकरियां देने का प्रावधान किया जाएगा. प्रस्तावित नियमों के अनुसार…

  • ओलंपिक में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी
  • ओलंपिक में शामिल किसी भी खेल में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी
  • क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी
  • एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी

को वेतन स्तर-09 (ग्रेड पे 5400 रुपये) की नौकरी देने का प्रावधान होगा. वहीं, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों तथा रजत और कांस्य पदक विजेताओं को वेतन स्तर-07 (ग्रेड पे 4600 रुपये) की नौकरी देने का प्रस्ताव है. इसके अलावा नेशनल गेम्स और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण एवं रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को वेतन स्तर-06 (ग्रेड पे 4200 रुपये) में नियुक्ति देने का प्रावधान प्रस्तावित है.