NEET UG पर शीर्ष अदालत की एक और तारीख, जानिए क्यों सुप्रीम कोर्ट के फैसले में हो रही है देरी ?

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2024 को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई टल गई। मीडिया रिपोर्ट्स की जानकारी के अनुसार अब अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच मामले पर शीर्ष अदालत में सुनवाई कर रही है। 8 जुलाई को मामले में पहली बार सुनवाई हुई थी। पहली सुनवाई के बाद अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद 11 जुलाई को नीट यूजी 2024 परीक्षा रद्द करने मामले पर सुनवाई के लिए तारीख दे दी। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख देते हुए NEET परीक्षा की ‘पवित्रता’ को लेकर चिंता जताते हुए ऐसी घटनाएं दोबारा ना हों इसकी हिदायत दी। कोर्ट ने मामले की जांच के गठित विशेषज्ञ समिति की विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट से साझा करने की बात कही। जिसके बाद आज सुनवाई से पहले सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया कि NEET UG परीक्षा में धांधली हुई है लेकिन इसका दायरा व्यापक नहीं है। बल्कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली नहीं हुई इसलिए सरकार नीट एग्जाम फिर से कराने के पक्ष में नहीं है।

5 मई को आयोजित हुई NEET UG  की परीक्षा और 4 जून को परिणाम जारी

ज्ञात हो की National Eligibility Entrance Test-Undergraduate (NEET-UG)2024 की परीक्षा 5 मई को आयोजित हुई जिसका परिणाम 4 जून को जारी किया गया। परीक्षा के रिजल्ट के साथ NTA ने इस साल के कटऑफ और टॉपर्स के नाम भी अनाउंस किए। यह परीक्षा देश भर के 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर आयोजित हुई जिसमें 24 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए। परीक्षा के परिणाम जारी होने के साथ ही यह विवादों में आ गया। इसके विवाद में आने के कारण यह थे…

  • इस परीक्षा में जहां हर साल एक या अधिकतम दो टॉपर होते हैं, वहीं इस साल कुल 67 टॉपर हुए।
  • इन सभी टॉपर को परफेक्ट 720 अंक मिले।
  • ज्यादातर टॉपरों का एक ही एग्जाम सेंटर से होने की बात सामने आई।
  • परीक्षा से पहले कई सेंटर पर पर्चा लीक होने की खबर आई।

NEET UG परीक्षा में धांधली को लेकर  NTA पर सवाल

इन मुद्दों को लेकर छात्रों ने देशभर में प्रदर्शन किया। छात्रों मे परीक्षा में धांधली की बात कही और NTA पर सवाल उठाए। बढ़ते विरोध और छात्रों के प्रदर्शन के बाद NTA ने परिणाम पर सफाई देते हुए कहा कि 1563 उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स दिया गया। लेकिन NTA ने यह नहीं बताया कि इन 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क क्यों किस मानक पर दिए गया। क्योंकि एक ही सेंटर के कई छात्रों को यह ग्रेस मार्क मिला। टॉपर को मिले नंबर नीट की मार्किंग स्कीम के हिसाब से सही नहीं थे आदि कारणों से NTA पर संदेह बढ़ता जा रहा था। इस बीच NTA ने पुनः 1563 छात्रों की कोर्ट के आदेश पर 1563 छात्रों के लिए 23 जून को दोबारा एग्जाम ले और 30 जून को रिजल्ट जारी किया। गौरतलब है कि इस री एग्जाम में 1,563 में से 813 कैंंडीडेट्स ही NEET RE-Exam दी।

सुप्रीम कोर्ट कैसे पहुँचा मामला

NEET UG पर बढ़ते विवाद के बीच मामला छोटी और निचली अदालतों से होते सुप्रीम कोर्ट पहुँचा। मामले में 11 जून को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई जिसमें नीट यूजी 2024 रिजल्ट को वापस लेने, दोबारा एग्जाम कराने, मनमाने तरीके से ग्रेस मार्क देने और मामले की जांच के लिए SIT बनाने की मांग की गई। दायर याचिका मे कुछ छात्रों ने काउंसलिंग पर रोक लगाने की मांग भी की। कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए 2024 के विवादित परिणाम के आधार पर काउंसलिंग पर रोक और री-एग्जाम का आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। हालांकि कोर्ट ने NTA को नोटिस जारी कर जबाव मांगी और याचिकाकर्ताओं को एक तारीख दे दी ,8 जुलाई। लेकिन 8 जुलाई को मामले में सुनवाई नहीं हुई। 18 जुलाई की नई तारीख के साथ कोर्ट ने केंद्र सरकार और NTA द्वारा दायर हलफनामों पर याचिकाकर्ताओं को अपने जवाब दाखिल करने का समय दिया।

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