Cervical Cancer से हर साल लाखों महिलाएं क्यों हो रही हैं प्रभावित ? 1 करोड़ बच्चियों को फ्री में लगेगा टीका

हेल्थ। भारत में पिछले कुछ सालों से Cervical Cancer के मामलों में जिस तरह से वृद्धि हो रही है, उससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों और संगठनों के बीच चिंता गहराई है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, हर साल देश में लाखों महिलाएं इस जानलेवा बीमारी का शिकार होती हैं, जो न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि पूरे परिवार और समाज पर भी भारी पड़ता है। आंकड़ों के अनुसार भारत में कैंसर से होने वाली मौत में 17% मौतें सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) से हो रही हैं। सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के ग्रीवा (cervix) में उत्पन्न होता है जो महिलाओं में कैंसर से संबंधित मौतों का एक प्रमुख कारण बन चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय पर निदान और इलाज किया जाए तो इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।

सर्वाइकल कैंसर की वजहें और लक्षण

डॉक्टरों के अनुसार Cervical Cancer की मुख्य वजह मानव पेपिलोमा वायरस (HPV) है, जो यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। इसके अतिरिक्त, धूम्रपान, कई यौन साझेदार और कमजोर इम्यून सिस्टम जैसी अन्य वजहें भी इस बीमारी को बढ़ावा देती हैं। प्रारंभिक अवस्था में इस कैंसर के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन जैसे-जैसे यह बढ़ता है, पीड़ित महिलाएं असामान्य रक्तस्राव, दर्द और मूत्रमार्ग में समस्याओं का होना, आदि है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। महिला स्वास्थ्य की सुरक्षा और इस जानलेवा बीमारी के प्रति सजग रहने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करने की जरूरत है।

Cervical Cancer के बचाव और उपचार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए नियमित स्क्रीनिंग और टीकाकरण पर जोर दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 9 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को HPV वैक्सीन लगवाना चाहिए, जो इस वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है। इसके अलावा, 21 वर्ष की आयु से नियमित पैप स्मीयर टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है, जो शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान में मदद करता है।इस दिशा में उठाए गए कदम और जागरूकता अभियानों से ही इस खतरनाक बीमारी के प्रसार को रोकने और महिलाओं को सुरक्षित रखने में सक्षम होंगे। सरकार और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों द्वारा सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने और निवारण उपायों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। कई राज्यों में विशेष कैंपों का आयोजन किया गया है, जहां मुफ्त स्क्रीनिंग और टीकाकरण की सुविधा प्रदान की जा रही है।

बिहार में सर्वाइकल कैंसर से 31% मौतें

आंकड़ों की माने तो भारत में भारत में कैंसर से होने वाली मौत में 17% मौतें Cervical Cancer से होती है। बिहार में यह आंकड़ा 31% है। बिहार में कैंसर से होने वाली मौत में 31% मौत इसी से होती है। महिलाओं में होने वाली इस बीमारी को लेकर WHO की रिपोर्ट्स हैरान करने वाली है। WHO को मानना है की दुनियां में Cervical Cancer से पीड़ित हर पंचवा मरीज भारतीय है। भारत में हर साल करीब 4 लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित है। कैंसर से होने वाली मौत के मामलों में बिहार चौथे स्थान पर हैं। राज्य में हर साल करीब 20 हजार से अधिक नए पेशेंट सर्वाइकल कैंसर के दर्ज किये जाते हैं। भारत में यह संख्या 1 लाख 20 हजार है।

1 करोड़ बच्चियों को फ्री में लगेगा Cervical Cancer का टीका

Cervical Cancer के रोक थाम के लिए बिहार सरकार ने राज्य में 9 से 14 साल की बच्चियों के वैक्सीनेशन के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। आगामी 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे इस अभियान के तहत लगभग एक करोड़ बच्चियों को टीका लगाया जाएगा। 2011 की जनगणना के अनुसार, बिहार में इस आयु वर्ग की बच्चियों की संख्या लगभग 95 लाख है। सरकार ने इस वैक्सीनेशन अभियान पर 150 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की गंभीरता को दर्शाता है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि सभी बच्चियों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से टीकाकरण की व्यापकता बढ़ाने और संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा सुनिश्चित करने का उद्देश्य है।

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