पटना। बिहार में पिछड़ी जातियों के लिए Reservation कोटा बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने के बिहार सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आरजेडी ने शीर्ष अदालत से पटना हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की अपील की है।
क्या है याचिका में मांग
पटना हाईकोर्ट ने 20 जून को बिहार सरकार के उस निर्णय को रद्द कर दिया था, जिसमें आरक्षण कोटा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने की बात की गई थी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बिहार विधानसभा द्वारा पारित संशोधन संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन करते हैं और संविधान की शक्तियों से परे हैं।
नौवीं अनुसूची में शामिल हो Reservation व्यवस्था
आरजेडी की याचिका में अनुरोध किया गया है कि बिहार में तमिलनाडु की तर्ज पर आरक्षण व्यवस्था लागू की जाए और इसे नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए, ताकि इसे न्यायपालिका के समक्ष चुनौती का सामना न करना पड़े। इस याचिका पर चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ सुनवाई करेगी।
Reservation पर सरकार और RJD दोनों सुप्रीम कोर्ट के भरोसे
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए Reservation में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को लागू किया था, जिसे जाति आधारित सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया था। लेकिन पटना हाईकोर्ट ने इसे संविधान विरोधी मानते हुए रद्द कर दिया। अब बिहार सरकार और आरजेडी दोनों ही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की मदद ले रहे हैं।
(क्रेडिट-मीडिया इनपुट )