पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू यादव द्वारा जातीय जनगणना को लेकर किए गए हालिया ट्वीट ने बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा विवाद पैदा कर दिया है। लालू यादव ने ट्वीट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को “कान पकड़ कर दंडबैठक” करवाया जाएगा और जातीय जनगणना कराई जाएगी। इस ट्वीट के बाद राजनीतिक हलकों में भारी हलचल मच गई है।
लालू यादव के ट्वीट पर राजनीतिक हलकों में हलचल
BJP ने लालू यादव के ट्वीट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कहा कि पहले उन्हें अपने कान बचाने की चिंता करनी चाहिए और आरोप लगाया कि RJD नेता कानून प्रवर्तन एजेंसियों, जैसे कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), से बचने के बजाय, जातीय जनगणना के मुद्दे पर बयान दे रहे हैं। BJP ने इसे RJD का एक राजनीतिक ड्रामा करार दिया है और इस विवाद को भड़काने का आरोप लगाया है।
जातीय जनगणना पर JDU का RJD को समर्थन
वहीं, JDU के नेताओं ने भी इस विवाद में हस्तक्षेप किया है। जद (यू) के प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जातीय जनगणना को लेकर गंभीर हैं और देशभर में जनगणना की प्रक्रिया को अंजाम देंगे। जद (यू) ने इसे नीतीश कुमार की सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल बताया और कहा कि राज्य में विकास और सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने के लिए जनगणना बेहद आवश्यक है। लालू यादव के ट्वीट के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे बिहार की राजनीति में नए विवाद और मतभेद उभर कर सामने आए हैं। जातीय जनगणना के मुद्दे पर राजनीति और जटिल होती जा रही है, और आने वाले दिनों में इस पर और बहस और विवाद की संभावना है।