पटना। बिहार सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य के लोगों को मुफ्त बिजली (Smart Meter) प्रदान नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि उपभोक्ताओं को पहले से ही भारी रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने बिजली सब्सिडी के लिए वित्तीय प्रावधान किए हैं, जो 2023-24 में ₹13,114 करोड़ से बढ़ाकर ₹15,343 करोड़ कर दिए गए हैं।
बिजली पर पहले से ही दी जा रही है भारी सब्सिडी :सरकार
इस घोषणा का संदर्भ आरजेडी के चुनावी वादों से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने वादा किया था कि यदि वे सत्ता में आए, तो हर परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। मंत्री यादव ने कहा, हम मुफ्त बिजली नहीं दे सकते। हम पिछले कई वर्षों से इसे बनाए हुए हैं।
प्री-पेड Smart Meter लगाने की प्रक्रिया 2025 तक पूरी होगी
बिजेंद्र यादव ने यह भी जानकारी दी कि राज्य में लगभग 50 लाख स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर पहले ही लगाए जा चुके हैं, और इस प्रक्रिया को 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने आरजेडी के आगामी विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “उन्हें जो करना है करने दें,” जबकि स्मार्ट मीटर लगाने का काम राज्य भर में जारी रहेगा।
1 अक्टूबर को आरजेडी करेगी विरोध प्रदर्शन
आरजेडी ने 1 अक्टूबर को Smart Meter प्रीपेड मीटरों के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है, जिसे लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार अपना कार्य जारी रखेगी।